आइशी घोष को पटियाला हाउस कोर्ट से राहत, गैर-जमानती वारंट रद्द
नई दिल्ली [भारत]: पटियाला हाउस कोर्ट ने गुरुवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की पूर्व अध्यक्ष और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) रद्द कर दिया। अदालत में पेश होने के बाद कोर्ट ने उन पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
कोर्ट ने रद्द किया एनबीडब्ल्यू
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) ने आइशी घोष की अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति के बाद गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया। उनकी ओर से अधिवक्ता जैमन एंड्रयूज ने पैरवी की। यह वारंट वर्ष 2021 में बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के संबंध में जारी किया गया था। मामले में आइशी घोष पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी आदेशों का कथित उल्लंघन और अन्य अपराधों के आरोप हैं। अदालत ने 11 अप्रैल, 2026 को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
पिछली सुनवाई में नहीं हो सकी थीं पेश
29 जुलाई को एनबीडब्ल्यू रद्द करने के लिए आवेदन दायर किया गया था, जिसमें कहा गया कि अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण आइशी घोष पिछली सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सकी थीं। इसके बाद अदालत ने बुधवार को वारंट पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें 30 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था।
पहले नहीं हो सकी थी वारंट की तामील
11 अप्रैल, 2026 को वारंट जारी करते समय अदालत ने कहा था कि वारंट की तामील नहीं हो सकी क्योंकि आइशी घोष दिए गए पते पर नहीं मिलीं। हालांकि, अदालत ने यह भी दर्ज किया था कि उन्हें फोन के माध्यम से सुनवाई की तारीख की जानकारी दे दी गई थी।
अगली सुनवाई निर्धारित
इसके बाद अदालत ने पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के माध्यम से नया गैर-जमानती वारंट जारी किया था और मामले की सुनवाई 30 जुलाई के लिए तय की थी। अब अदालत में पेश होने के बाद उनका गैर-जमानती वारंट रद्द कर दिया गया है।
(एएनआई)
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