रोजगार के आंकड़ों पर अखिलेश-राजभर आमने-सामने, 95 लाख नौकरियों का दावा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि राज्य प्रशासन ने युवाओं के लिए लगभग 95 लाख सरकारी नौकरियां सृजित की हैं। मीडिया से बात करते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव प्रशासन के रोजगार आंकड़ों से अवगत नहीं हैं। उन्होंने उनसे आधिकारिक आंकड़ों की समीक्षा करने का आग्रह किया।
योगी सरकार में 95 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गईं: ओपी राजभर
ओपी राजभर ने ANI को बताया, अखिलेश को शायद तथ्यों की जानकारी नहीं है, उन्हें जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। योगी सरकार में 95 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। लगभग 58,000 पंचायत सहायकों को भी रोजगार मिला है। मंत्री ने आगे बताया कि नियमित राज्यव्यापी रोजगार मेलों के अलावा दो लाख से अधिक व्यक्तियों ने व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक के बिना गारंटी और बिना ब्याज वाले ऋण प्राप्त किए हैं।
रोजगार मेले किए गए आयोजित
ओपी राजभर ने कहा, दो लाख से अधिक युवाओं को बिना गारंटी या ब्याज के 5 लाख रुपये तक के ऋण से लाभ मिला है ताकि वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए रोजगार मेले भी आयोजित किए जा रहे हैं। इससे पहले सितंबर में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों पर आर्थिक अनुमानों को लेकर तीखा हमला किया और कहा कि व्यापक बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई और बिगड़ती नागरिक अवसंरचना की जमीनी हकीकत आधिकारिक जीडीपी वृद्धि अनुमानों के विपरीत है।
अखिलेश यादव मे मीडिया से बातचीत करते हुए कहा...
मीडिया से बातचीत करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अनुमानित विकास दर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आर्थिक मापदंडों में आम नागरिकों की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करना चाहिए। एसपी प्रमुख ने कहा, हालांकि आज जब व्यापक बेरोजगारी है, नौकरियां उपलब्ध नहीं हैं, महंगाई बहुत अधिक है, पेट्रोल और डीजल इतने महंगे हैं कि पेट्रोल में मिलावट करनी पड़ रही है। आप अभी भी बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं कर पाए हैं तो इसका मतलब है कि आप जो जीडीपी आंकड़ा पेश कर रहे हैं वह वास्तविक जीडीपी नहीं है।
अखिलेश यादव ने आर्थिक संकट और प्रशासनिक उपेक्षा पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट से वास्तविक विकास शून्य होने का आभास होता है। ऐसा लगता है जैसे जीडीपी वृद्धि शून्य ही हो। 'शून्य जीडीपी' का मतलब है कि हालात स्थिर हैं- बिना किसी महत्वपूर्ण प्रगति या बदलाव के सब कुछ पहले जैसा ही चल रहा है। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए यादव ने प्रशासनिक उपेक्षा के उदाहरण के रूप में क्षेत्र के अपने दौरे का जिक्र किया।
बिधूना में सड़कों और आपात सेवाओं की बदहाली पर अखिलेश का हमला
उन्होंने कहा कि हम आज बिधुना आए हैं। चार लेन की सड़क वहीं खत्म हो गई जहां पहले बनी थी। इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। एम्बुलेंस सेवा की हालत खराब है, डायल 100 पुलिस आपातकालीन सेवा पूरी तरह से ठप हो चुकी है। पुलिस सिर्फ अन्याय कर रही है और लोगों का शोषण करने के मौके तलाश रही है।
(इनपुट: ANI)
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