वाराणसी में अखिलेश यादव के पोस्टर से सियासी हलचल, राम मंदिर विवाद पर दिया राजनीतिक संदेश
वाराणसी {उत्तर प्रदेश}: अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद के बीच वाराणसी में समाजवादी पार्टी के पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। शहर के कई प्रमुख इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को धनुष-बाण के साथ दर्शाया गया है। पोस्टर के जरिए राम मंदिर विवाद को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है, जिसके बाद शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
पोस्टर पर लिखा राजनीतिक संदेश
पोस्टर में लिखा गया है, "राम मंदिर में जो चोरी करेगा, अखिलेश यादव का धनुष उसे धराशायी करेगा।" इसके साथ ही पोस्टर में सपा संरक्षक रहे मुलायम सिंह यादव की तस्वीर भी लगाई गई है, जबकि पृष्ठभूमि में राम मंदिर की तस्वीर दिखाई गई है। पोस्टर पर अखिलेश यादव को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी गई हैं।
शहर के कई इलाकों में लगाए गए पोस्टर
बताया जा रहा है कि ये पोस्टर सपा नेता मनोज यादव उर्फ गोलू और शुभम यादव की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाए गए हैं। लहुराबीर चौराहे से लेकर कचहरी क्षेत्र तक कई जगहों पर लगे इन पोस्टरों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है और राजनीतिक हलकों में भी इनकी चर्चा तेज हो गई है।
सपा नेताओं ने बताई पोस्टर की मंशा
पोस्टर लगाने वाले सपा नेताओं का कहना है कि इसका उद्देश्य मौजूदा विवाद को लेकर अपनी राजनीतिक राय रखना है। उनका आरोप है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद सरकार पर सवाल उठे हैं। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी लगातार इन मुद्दों को उठा रही है और सरकार से जवाब मांग रही है।
जांच पूरी होने का इंतजार
फिलहाल इन पोस्टरों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। वहीं, कथित चंदा विवाद की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।
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