अखिलेश यादव और ब्रजेश पाठक के बीच काजू को लेकर सोशल मीडिया पर तकरार, दोनों ने शेयर किए वीडियो
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग तेज हो गई है। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के काजू खाते हुए वीडियो शेयर कर तंज कसा। अखिलेश यादव ने पाठक पर निशाना साधते हुए वीडियो पोस्ट किया, जिसके जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश यादव के खाने का वीडियो साझा किया और उनकी सादगी की छवि पर सवाल उठाए।
<blockquote lang="hi" dir="ltr">मुखिया हैं बेसुध-बेकाबू आजू बाजू खा रहे काजू! https://t.co/RWNntgR0YN</p>— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) <a href="https://x.com/yadavakhilesh/status/2105670070739575221?ref_src=twsrc%5Etfw">October 1, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव पर किया पलटवार
ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव का मेज पर खाना खाते हुए वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने SP प्रमुख की सादगी वाली छवि पर तंज कसते हुए कहा कि मेज पर काजू, किशमिश, बादाम और कई तरह के शानदार व्यंजन रखे हैं। पाठक ने कहा कि राजनीतिक दिखावे की थाली में दाल रोटी होती है, जबकि असली थाली में लजीज पकवान होते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव की कथित सादगी को लेकर भी सवाल उठाया और इसे राजनीतिक दिखावा बताया।
<blockquote lang="hi" dir="ltr">वाह क्या ठाठ हैं, मेज पर काजू, किशमिश, बादाम और व्यंजनों की भरमार है, राजसी ठाठ का भोज है, सियासत के दिखावे की थाली में दाल - रोटी और असली थाली में पकवान है। झूठी सादगी का ये अंदाज भी बड़ा है शानदार श्रीमान जी का, सियासत में दिखावा सादा हो तो क्या हुआ, व्यंजन तो लबाबदार है। https://t.co/dik6v2AMIB</p>— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) <a href="https://x.com/brajeshpathakup/status/2105967857150415099?ref_src=twsrc%5Etfw">October 2, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
अखिलेश ने अस्पताल की घटना से जोड़ा काजू वाला तंज
इससे पहले अखिलेश यादव ने काजू वाले तंज को एक कथित घटना से जोड़ा था। उन्होंने एक गर्भवती मुसहर महिला को अस्पताल में डिलीवरी की सुविधा नहीं मिलने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने कहा कि BJP सरकार PDA की कितनी बड़ी दुश्मन है, यह बताने की जरूरत नहीं है। SP PDA शब्द का इस्तेमाल पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए करती है।
मुसहर महिला को लेकर अखिलेश ने लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि एक मुसहर जाति की गर्भवती महिला को जाति के आधार पर अस्पताल में डिलीवरी की सुविधा नहीं दी गई। उन्होंने दावा किया कि महिला को खुले में गंदगी वाली जगह पर बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगर वह काजू खाने से थोड़ा समय निकाल सकें तो उन्हें देखना चाहिए कि उनका विभाग किस हद तक भेदभाव के जहर से भर गया है।
<blockquote lang="hi" dir="ltr">जिस भाजपा सरकार के अस्पताल ‘पीडीए’ को जन्म नहीं लेने दे रहे हैं, वो ‘पीडीए’ को कितने बड़े दुश्मन हैं कहने की ज़रूरत नहीं है।
ये बेहद गंभीर और अमानवीय मामला है कि मुसहर जाति की एक गर्भवती महिला का जाति के आधार पर अस्पताल में प्रसव करवाने से मना कर दिया गया और वो खुले में अस्वास्थकारी माहौल में बच्चे को जन्म देने पर मजबूर हुई।
भाजपाई सोच की संकीर्णता और पीडीए समाज के विरुध्द प्रभुत्ववादियों की नफ़रत जिस हद तक बढ़ गई है, वो बेहद निंदनीय है और दंडनीय भी।
स्वास्थ्य मंत्री को काजू खाने से फ़ुरसत मिल जाए तो देखें कि उनका विभाग किस स्तर तक भेदभाव के ज़हर से भर गया है। भाजपाई तो जिस सीमा तक गिर सकते थे गिर गएं हैं, अब बस भाजपा सरकार गिरनी बाक़ी है।</p>— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) <a href="https://x.com/yadavakhilesh/status/2105658497178513478?ref_src=twsrc%5Etfw">October 1, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी
यह मामला 2027 की शुरुआत में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सामने आया है। राज्य में BJP की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के तौर पर SP चुनावी मैदान में है। SP ने अपनी राजनीति के अहम PDA फॉर्मूले को फिर से अपनाया है। वहीं BJP तीसरी बार उत्तर प्रदेश में सत्ता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। (Source: ANI)
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