अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए गोंडा में

अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, बोले- ‘भाजपा में निषाद को विषाद के सिवा कुछ नहीं मिलेगा’

Akhilesh Yadav Attacks BJP, Says Nishads Will Find Only Sorrow in BJP (File Photo)

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में पीडीए वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है और प्रदेश में अपराध व अराजकता चरम पर है। गोंडा में सपा से जुड़े बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि भाजपा के शासन में पीडीए की एकजुटता लगातार बढ़ रही है।

गोंडा में व्यापारी की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग

अखिलेश यादव ने गोंडा में समाजवादी पार्टी से जुड़े बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई धर्म-न्याय में विश्वास करने वाला है तो उसे इस हत्या का संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्यथा पीडीए समाज मिलजुलकर अपनी लड़ाई खुद लड़ेगा।

पुलिस व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने कुकर्मों में संलिप्त होने के लिए पुलिस को बाध्य किया है। उनके मुताबिक इससे केवल पुलिस की शक्ति और प्रभाव कम नहीं हुआ, बल्कि झूठे मुकदमों और एनकाउंटर का हिस्सा बनाकर पुलिस को हर तरह से भ्रष्ट भी कर दिया गया है।

भाजपा में पद मिल सकता है, सम्मान नहीं: अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग समझते हैं कि सत्ता के साथ रहकर उनकी इज्जत और रुतबा बढ़ता है, वे भी अब समझ गए हैं कि भाजपा में दिखावे का पद तो मिल सकता है, लेकिन सम्मान नहीं। उन्होंने भाजपा पर वर्चस्ववादी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि अपने प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए किसी की हत्या भी की जा सकती है और किसी को जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया जा सकता है।

पीड़ा बढ़ रही है, इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में पीड़ा बढ़ रही है। उनके मुताबिक इसी वजह से पीडीए बढ़ रहा है और पीडीए की एकता भी बढ़ रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर अपने शासन में अत्याचार और अन्याय को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

यह भी पढ़े:   पंचायत सहायकों ने अखिलेश यादव को सौंपा ज्ञापन, मानदेय बढ़ाने और नियमितीकरण की मांग