सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी आदित्यनाथ और

अखिलेश यादव का सीएम योगी पर हमला, बोले- प्रचार से नहीं सुलझते जनता के मुद्दे

Akhilesh Yadav Attacks Yogi Govt Over Public Issues and Propaganda

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर प्रचार में करोड़ों रुपये खर्च करने, कानून व्यवस्था, अयोध्या मंदिर चंदे से जुड़े विवाद, बुलडोजर कार्रवाई और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि केवल प्रचार के जरिए छवि बनाने से जनता के मुद्दे हल नहीं होते।

विज्ञापनों पर खर्च को लेकर मुख्यमंत्री पर अखिलेश का हमला

अखिलेश यादव ने कहा है कि जैसे अयोध्या जाने का रिकॉर्ड बनाकर भी अंततः मुख्यमंत्री को बदनामी के सिवा कुछ नहीं मिला वैसे ही ‘आत्म-प्रशंसा के झूठे विज्ञापनों पर 2.3 करोड़ प्रतिदिन खर्च करके भी मुख्यमंत्री को अपयश के सिवा कुछ नहीं मिला।’

लखनऊ अग्निकांड मामले में मुख्यमंत्री के व्यवहार पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने कहा कि लखनऊ के अग्निकांड में अपने बच्चे को खोनेवाली ‘दुखी माँ’ से किये गये मुख्यमंत्री के दुर्व्यवहार का वीडियो जब पूरी दुनिया में देखा गया तो लोगों को वो पुराने वीडियो भी याद आ गये जिसमें मुख्यमंत्री ने कोविड के दौरान एक कर्तव्यनिष्ठ जिलाधिकारी से अशोभनीय वार्तालाप किया था या फिर एक सत्यनिष्ठ प्रोफेसर साहब व पत्रकार से दुर्वचन कहे थे।

अयोध्या राम मंदिर चंदे से जुड़े विवाद को लेकर लगाए आरोप

यादव ने कहा, "मुख्यमंत्री का कार्यकाल सदैव इस रूप में ही इतिहास में दर्ज होगा कि इन्हीं के समय में अयोध्या के प्रभुराम के मंदिर में ‘चढ़ावा-चंदा-दान’ चोरी हुई थी और आरोपियों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने जो दोषपूर्ण एसआईटी बनाई थी, उस पर किसी को विश्वास नहीं था और उसके बाद दिल्ली ने अपनी  एसआईटी बनाई थी।"

बुलडोजर कार्रवाई, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा

उन्होने आगे कहा, "इसके अतिरिक्त विपक्ष पर झूठे मुकदमे लगाने, बुलडोजर के दुरुपयोग व झूठे एनकाउंटर से प्रतिशोधात्मक राजनीति करनेय पीडीए पर अत्याचार, ‘हाता नहीं भाता’ के घृणास्पद सत्यय लोगों के घर, दुकान व विश्वविद्यालय तक गिराने, भ्रष्टाचार के स्वर्ण-ठोसीकरण, हिरासत में मौतों के रिकार्ड व पुलिस व अन्य प्रशासन के अपराधीकरण के लिए भी मुख्यमंत्री का दुशासन काल नकारात्मक रूप से दर्ज होगा और हाँ डबल इंजन की टकराहट की वजह से बिजली, पानी, सड़क जैसी बुनियादी जरूरतों की बदहाली के दौर के रूप में भी। बिना विचार के प्रचार से कुछ हासिल नहीं होता है। मुख्यमंत्री अकेले में बैठकर सचेत होकर सोचें तो उन्हें ये पता चलेगा कि ‘उनका प्रचार तंत्र ही कर रहा है उनका अंत’।"

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