सपा मुख्यालय में भगवती सिंह की 94वीं जयंती मनाई गई

भगवती सिंह की 94वीं जयंती पर अखिलेश यादव ने किया नमन, स्मारक बनाने का किया ऐलान

Akhilesh Yadav Pays Tribute to Senior Socialist Leader Bhagwati Singh on His 94th Birth Anniversary

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं पूर्व मंत्री भगवती सिंह की 94वीं जयंती बुधवार को समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में सादगी के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भगवती सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

अखिलेश ने याद किया भगवती सिंह का संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन

अखिलेश यादव ने भगवती सिंह के संघर्षपूर्ण राजनीतिक जीवन को याद करते हुए कहा कि वे जीवनभर समाजवादी विचारधारा से जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि डॉ. राममनोहर लोहिया के आह्वान पर भगवती सिंह ने कई आंदोलनों में हिस्सा लिया और जेल यातनाएं भी सहीं।

भगवती सिंह के नाम पर पार्क या स्मारक बनाने का ऐलान

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भगवती सिंह ने सामाजिक न्याय और समाजवादी विचारधारा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के राज की स्थापना के संकल्प के साथ समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वरिष्ठ समाजवादी नेताओं के साथ भगवती सिंह के नाम पर पार्क या स्मारक का निर्माण कराया जाएगा।

जयंती कार्यक्रम में कई सपा नेताओं ने अर्पित किए श्रद्धासुमन

जयंती कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि एवं पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, अरविन्द सिंह गोप, पूर्व सांसद अरविन्द कुमार सिंह, पूर्व विधायक महेन्द्र कुमार सिंह झीन बाबू, गोमती यादव, राजेन्द्र यादव, पूर्व एमएलसी शशांक यादव सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भगवती सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता कार्यक्रम में रहे मौजूद

कार्यक्रम के संचालक देवी बख्श सिंह एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने भगवती सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान और संघर्ष को याद किया।

सपा ने भगवती सिंह के विचारों को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

सपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भगवती सिंह का जीवन समाजवादी विचारधारा, सामाजिक न्याय और जन आंदोलनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा है। कार्यक्रम के दौरान उनके विचारों और संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।

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