लखनऊ: महाराजा खेत सिंह खंगार की जयंती पर अखिलेश या

अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान- सपा सरकार बनी तो गोमती रिवरफ्रंट पर लगेगी महाराजा खेत सिंह खंगार की अष्टधातु प्रतिमा

Akhilesh Yadav Promises Respect and Representation to Khangar Community

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आज रविवार को महाराजा खेत सिंह खंगार की जयंती मनायी गयी। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महाराजा खेत सिंह खंगार के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों की संख्या में खंगार समाज के लोगों ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

वीर योद्धा खेत सिंह का इतिहास और सपा का बढ़ता कुनबा

महाराजा खेत सिंह खंगार, जो गुजरात के जूनागढ़ के राजा थे और पृथ्वीराज चौहान के घनिष्ठ मित्र थे, ने अपने पराक्रम के बल पर गढ़ कुंडार एवं महोबा का राज्य भी प्राप्त कर लिया था। वर्तमान बुंदेलखंड का नाम बदलकर अपनी जुझारू नीतियों के चलते जुझौतिखंड रखा था। ऐसे प्रबल प्रतापी राजा खेत सिंह खंगार की पुण्यतिथि पर आज खंगार समाज के सैकड़ों लोगों ने मेघनाथ खंगार की अगुवाई में समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

गोमती रिवरफ्रंट पर प्रतिमा और लाल बत्ती का वादा

अखिलेश यादव ने जयंती समारोह में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी लोग महाराज खेत सिंह खंगार को याद कर रहे हैं। प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर खंगार-अर्कवंशी समाज को राजनीतिक सम्मान देकर उनका मनोबल बढ़ाएंगे। उन्हें लाल बत्ती दी जायेगी। यादव ने खंगार समाज को भरोसा दिलाया कि लखनऊ की सबसे प्रतिष्ठित और कीमती जगह गोमती रिवरफ्रंट पर महाराजा खेत सिंह खंगार की अष्टधातु की प्रतिमा लगाकर सम्मान देंगे।

जातीय जनगणना की मांग पर भाजपा को घेरा

सपा अध्यक्ष ने कहा कि महाराजा खेत सिंह खंगार का लम्बा और शानदार इतिहास है। वह वीर पुरुष थे। अनेक लड़ाइयों में उनकी बड़ी भूमिका रही है। महाराजा खेत सिंह खंगार ने जितनी वीरता के साथ, उस समय मुकाबला किया, अपने समाज के लिए काम किया, उन्हें उतना सम्मान नहीं मिला। यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती है कि जातीय जनगणना हो और खंगार समाज को आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिले। भाजपा जनता को धोखा दे रही है। जनता जातीय जनगणना की मांग कर रही है। हर जाति की गिनती हो। सभी को आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिले, लेकिन भाजपा लेकिन भाजपा जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती है।

सत्ता में आते ही 3 महीने में कराएंगे जातीय जनगणना: अखिलेश

उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सरकार जातीय जनगणना नहीं कराएगी तो समाजवादी पार्टी की सरकार बनते ही 3 महीने में जातीय जनगणना कराकर आबादी के हिसाब से हक दिलाएंगे, उसके साथ ही खंगार समाज को राजनीतिक सम्मान दिलाएंगे। कई जिलों में खंगार समाज की आबादी काफी ज्यादा है लेकिन राजनीतिक सम्मान नहीं मिला। अखिलेश यादव ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में संडीला में ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ था। हरदोई, बुन्देलखंड समेत अन्य जिलों से बड़ी संख्या में अर्कवंशी समाज के लोग आये थे। उस समय जो एक दल हमारे साथ थे, हमें ही धोखा देकर चले गये। अगर वे हमें धोखा दे सकते हैं तो अर्कवंशी और खंगार समाज को धोखा क्यों नहीं देंगे।

भाजपा पर साधा निशाना, प्रतिमा निर्माण में घोटाले का आरोप

अखिलेश यादव ने अर्कवंशी खंगार समाज से समाजवादी पार्टी का साथ देने की अपील करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी पूरा सम्मान देगी। हमें खंगार-अर्कवंशी समाज पर पूरा भरोसा है। समाजवादी पार्टी संगठन में इस समाज के लोगों को पद दिए गए थे। आने वाले समय में और लोगों को संगठन में लिया जाएगा। सरकार बनने पर सत्ता में भागीदारी देंगे। यादव ने कहा कि भाजपा के लोगों ने महाराजा खेत सिंह खंगार की प्रतिमा में भी घोटाला कर दिया। पता नहीं कौन सा मसाला लगाया कि प्रतिमा टूट गयी। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने पहले प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष (अटल बिहारी बाजपेयी) की प्रतिमा में कमीशन खा गये। उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं?

महिलाओं को 40 हजार पेंशन और कन्या विद्याधन देने का ऐलान

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में महाराजा खेत सिंह खंगार की अष्टधातु की प्रतिमा लगवायी जाएगी। जो कभी नहीं टूटेगी। इसके साथ ही पंचायत चुनाव में खंगार समाज के लोग जहां-जहां लड़ेंगे, समाजवादी पार्टी के लोग पूरी मदद करेंगे। समाजवादी पार्टी की सरकार आने पर महिलाओं को हर साल ₹40 हजार पेंशन देगी। समाज के जिन वर्गो की महिलाओं को आज तक लाभ नहीं मिला, उन्हें आगे करके पेंशन और सम्मान देंगे। बेटियों को आगे की पढ़ाई के लिए कन्या विद्याधन देंगे। भाजपा सरकार में लूट और महाडकैती हो रही है। हर योजना, हर कार्य में भ्रष्टाचार है। उसी पैसे को बचाकर माताओं-बहनों, महिलाओं को सम्मान देंगे।

अखिलेश यादव को भेंट की गई काव्य पुस्तिका 'काम बोलता है'

वहीं, रामअधार राजभर ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपनी काव्य पुस्तिका 'काम बोलता है' भेंट की। अखिलेश यादव ने आशा जताई कि यह पुस्तक समाजवादी विचारधारा और डॉ. लोहिया के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने में अग्रणी साबित होगी। 'काम बोलता है' पुस्तिका में कविता के माध्यम से समाजवादी सरकार की योजनाओं का ब्यौरा सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है। इसमें अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की झलक, हरितक्रांति, कृषि, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, एड्स, चिकित्सा शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, व्यवसायिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, बेसिक शिक्षा लोक निर्माण, श्रम एवं सेवा योजना, हथकरघा, उद्योग आदि से सम्बन्धित रचनाएं भी है। ​(Published By: Ravi Pandey)

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