सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को रायबरेली के ऊंचाहार में

रायबरेली में पीड़ित परिवार के साथ अन्याय का आरोप, अखिलेश यादव ने दी एक लाख रुपये की आर्थिक मदद

Akhilesh Yadav Provides ₹1 Lakh Aid to Family Alleging Injustice in Raebareli

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को रायबरेली के ऊंचाहार क्षेत्र में एक परिवार के साथ कथित अन्याय की जानकारी दी गई। पूर्व मंत्री एवं विधायक इंद्रजीत सरोज और रायबरेली के जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेंद्र यादव ने उन्हें मामले से अवगत कराया। पार्टी की ओर से पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गई। सपा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों को कथित संरक्षण दिए जाने पर सवाल उठाए गए हैं।

चार बिस्वा जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद का आरोप

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जगतपुर थाना क्षेत्र के उड़वा गांव निवासी सीमा देवी, पत्नी राजू पासी, की चार बिस्वा जमीन पर ग्राम प्रधान रमेश मिश्र द्वारा बार-बार बेदखल किए जाने का आरोप है। विज्ञप्ति में बताया गया कि काफी प्रयासों के बाद उपजिलाधिकारी के आदेश पर राजू पासी को जमीन पर कब्जा दिलाया गया था। हालांकि, आरोप है कि कुछ ही दिनों बाद ग्राम प्रधान ने अपने निजी ट्रैक्टर से जमीन जोतकर उन्हें फिर से बेदखल कर दिया।

सीमा देवी के साथ दुष्कर्म का आरोप, अदालत के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा

सपा की ओर से जारी जानकारी में आरोप लगाया गया कि जमीन के विवाद के बाद सीमा पासी मदद मांगने ग्राम प्रधान रमेश मिश्र के पास गई थीं, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया गया। विज्ञप्ति के मुताबिक, जगतपुर थाने में इस मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर रमेश मिश्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। सपा ने आरोप लगाया कि पुलिस विवेचना के दौरान मामले को समाप्त करने का प्रयास कर रही थी।

6 अक्टूबर को सीमा देवी और उनके पति से मारपीट का आरोप

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को ग्राम प्रधान रमेश मिश्र, उनके बेटों और भतीजों पर सीमा पासी को गांव में बाल खींचकर बुरी तरह पीटने का आरोप लगाया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया कि जब उनके पति राजू पासी ने बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद सीमा देवी को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रायबरेली में भर्ती कराया गया, जहां वह चार दिन तक भर्ती रहीं।

पीड़ित परिवार की मदद करने वाली महिला की कार तोड़ने का आरोप

सपा की विज्ञप्ति में बताया गया कि गांव की निवासी रिद्धिमा सिंह, पत्नी सरदार मोहित सिंह, पीड़ित परिवार की मदद कर रही थीं। आरोप है कि घटना के अगले दिन जब वह अपनी बच्ची को स्कूल ले जा रही थीं, तब उन्हें दौड़ाया गया और उनकी कार तोड़ दी गई। विज्ञप्ति के मुताबिक, अपनी जान बचाकर जगतपुर थाने पहुंचने के बाद भी उनके साथ कथित तौर पर थानाध्यक्ष के सामने मारपीट की गई। सपा ने दावा किया कि इस घटना का दृश्य थाने के सीसीटीवी कैमरे में मौजूद है।

पुलिस की कार्रवाई पर सपा ने उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि जगतपुर थाने की पुलिस दोनों परिवारों के मामलों में मामूली धाराओं में मुकदमे दर्ज कर आरोपियों को संरक्षण दे रही है। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी दावा किया गया कि ग्राम प्रधान रमेश मिश्र को क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री मनोज पांडेय का करीबी होने के कारण राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। ये आरोप समाजवादी पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं।

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