अखिलेश यादव ने लखनऊ में BJP पर चुनावी धांधली और मत

अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- चुनाव में धांधली कर रही सरकार; मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर उठाए सवाल

Akhilesh Yadav Targets BJP Over Alleged Electoral Irregularities in UP

लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में BJP पर चुनावी धांधली के आरोप लगाए। मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र के पूर्व सपा प्रत्याशी सोनू कनौजिया के पिता स्वर्गीय राम गोपाल कनौजिया की तेरहवीं में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP बिना हेराफेरी और धांधली के चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की अपील की।

शिक्षकों को धमकाने का आरोप, अधिकारियों को दी चेतावनी

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव में शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर शिक्षकों को डराने-धमकाने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) फोन के माध्यम से शिक्षकों को धमका रहे हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से चुनाव में हेराफेरी रोकने और निष्पक्षता बनाए रखने की मांग करते हुए अधिकारियों को राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह काम न करने की चेतावनी दी।

मतदाता सूची और वॉयस कॉलिंग को लेकर सपा ने जताई चिंता

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची आम लोगों के पास उपलब्ध नहीं है, लेकिन BJP के मंत्रियों और नेताओं के पास पहुंच रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्टी नेताओं को मतदाताओं का डेटा कैसे मिल रहा है और आशंका जताई कि इसके लिए किसी कंपनी की सेवाएं ली गई होंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और संदिग्ध वॉयस कॉलिंग को रिकॉर्ड करने की अपील की। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास अयोध्या और फैजाबाद के चुनावों से संबंधित रिकॉर्डिंग भी मौजूद है।

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों को जिताने की अपील

अखिलेश यादव ने आगामी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को समर्थन देने की अपील की। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से आगरा-अलीगढ़ के शशांक यादव, लखनऊ से कांति सिंह, इलाहाबाद-झांसी से डॉ. मान सिंह, वाराणसी-मिर्जापुर से आशुतोष सिन्हा और मेरठ-सहारनपुर से प्रमेन्द्र सिंह को प्रत्याशी बताया। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आगरा-अलीगढ़ में डॉ. आकाश अग्रवाल, लखनऊ में सुशील पटेल, गोरखपुर-फैजाबाद में डॉ. संजयन त्रिपाठी, बरेली-मुरादाबाद में हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, वाराणसी-मिर्जापुर में लाल बिहारी यादव और मेरठ-गाजियाबाद में नितिन तोमर को समर्थन देने की अपील की।

महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर भी साधा निशाना

सपा अध्यक्ष ने BJP सरकार पर बेरोजगारी और महंगाई बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई और किसान आर्थिक रूप से कमजोर हुए हैं। अखिलेश यादव ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए आरोप लगाया कि विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने विकास दुबे मामले का जिक्र करते हुए भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जांच में कई अधिकारियों तथा अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

सनातन, मुख्यमंत्री की कुर्सी और आजम खान के मुद्दे पर बयान

अखिलेश यादव ने कहा कि दूसरों के साथ भेदभाव करने और उनसे प्रेम न करने वाला व्यक्ति सनातनी नहीं हो सकता। उन्होंने BJP पर आस्था और श्रद्धा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनकी कुर्सी सुरक्षित नहीं है और जनता इस बार उन्हें सत्ता से हटाने जा रही है। अखिलेश यादव ने आजम खान के साथ अन्याय होने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उन्हें न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी।

शिक्षामित्रों को पूर्ण शिक्षक बनाने का वादा

अखिलेश यादव ने शिक्षामित्रों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने BJP सरकार की शिक्षामित्र योजना को अधूरा बताते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षामित्रों को पूर्ण शिक्षक बनाकर सरकारी नौकरी देने का काम किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आरक्षण, अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करने का काम समाजवादी पार्टी ही कर सकती है।

SIR और मतदाता सूची की गलतियों पर चुनाव आयोग को घेरा

अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक ही व्यक्ति के चार या दस वोट दर्ज होने के मामलों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने पुनरीक्षण प्रक्रिया पर खर्च हुए करोड़ों रुपये और इस दौरान 29 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मौत का जिक्र करते हुए आयोग द्वारा गलतियों को छोटी-मोटी त्रुटि मानने पर आपत्ति जताई। अखिलेश यादव ने दावा किया कि PDA प्रहरी की पहल के बाद चुनाव आयोग अपनी गणना में गलतियों को स्वीकार कर रहा है। उन्होंने BJP और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप भी लगाया।

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