अखिलेश यादव का BJP पर हमला, बोले- 2027 में जनता एक-एक वोट से हराएगी
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधान परिषद के आगरा-अलीगढ़ स्नातक खंड क्षेत्र के चुनाव में सैफई में मतदान किया। मतदान के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा के लोग हार के डर से फर्जी मतदान और बेईमानी का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के मतदाताओं को मतदान से रोकने के लिए कथित तौर पर दबाव बनाया गया।
‘हार के डर से बौखलाई हुई है भाजपा’
अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सीमित मतदाताओं वाला होता है, जिसमें केवल शिक्षक और स्नातक मतदान करते हैं। उनके मुताबिक, इस चुनाव में भी हार की आशंका से भाजपा बौखलाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के लोगों को वोट डालने से रोकने के लिए भाजपा ने अपने कथित गुंडों और भ्रष्ट अधिकारियों को आगे किया। अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ऐसी कोशिश कर सकती है, लेकिन जनता उसके खिलाफ मतदान करेगी।
फर्जी वोटिंग और मतदाताओं को रोकने का आरोप
सपा प्रमुख ने कहा कि उन्हें पूरे प्रदेश से ऐसी सूचनाएं मिली हैं कि विभिन्न स्थानों पर भाजपा के लोगों ने कथित तौर पर फर्जी वोटिंग की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के मतदाताओं को मतदान करने से रोकने का प्रयास किया गया और प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे। चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आयोग ने शिकायतों और घटनाओं पर उचित कार्रवाई नहीं की।
‘भाजपा को वोट चोरी का विश्वविद्यालय खोलना चाहिए’
अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी को वोट चोरी के लिए एक विश्वविद्यालय खोलना चाहिए, जहां उसके कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम तीन साल का कोर्स चलाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी और चुनावी धांधली के जरिए भाजपा लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और लोकतंत्र को बचाने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही है।
वोटर लिस्ट में धांधली को लेकर भी लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2022 से ही वोट चोरी और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे उठाती रही है। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग के लोगों पर मिलकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है।
शिक्षकों और युवाओं के मुद्दों पर भाजपा को घेरा
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षकों और युवाओं के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र और राज्य में लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा को चुनाव में कथित फर्जी मतदान और दबाव का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार से उसके वादों को लेकर सवाल पूछ रही है, लेकिन भाजपा सवालों का सामना करने के बजाय बौखला जाती है।
महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार पर भी हमला
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर महंगाई बढ़ाने, युवाओं को रोजगार नहीं देने और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने डीजल-पेट्रोल की कीमतों, स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पतालों, एंबुलेंस और पुलिस व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की स्थिति ऐसी है कि हर विभाग और काम में अनियमितताएं दिखाई देती हैं। उन्होंने एक्सप्रेस-वे की स्थिति और किसानों को खाद मिलने में हो रही कथित परेशानियों पर भी सवाल उठाए।
खाद की उपलब्धता और विदेश नीति पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि खाद के लिए कई तरह के रसायन चीन और अन्य देशों से आते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति को असफल बताते हुए आरोप लगाया कि भारत का व्यापार दूसरे देशों की शर्तों के अनुसार चल रहा है। उनके मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में किसानों को डीएपी और अन्य खाद की उपलब्धता प्रभावित होने का सवाल उठता है।
‘2027 में जनता भाजपा का सफाया कर देगी’
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने जनता से किए गए वादे पूरे नहीं किए हैं और अब लोग सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन मिलकर भाजपा को हराएंगे। उन्होंने भाजपा पर संविधान, आरक्षण और सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। सपा प्रमुख ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी तैयार है और जनता भाजपा को सत्ता से बाहर करेगी।
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