खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के एक आंगनबाड़ी केंद्र म

आंगनबाड़ी केंद्र में शराबखोरी के आरोप, ग्रामीणों ने कार्रवाई की उठाई मांग

Allegations of Drinking Inside Anganwadi Centre Spark Public Outrage

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई,(छत्तीसगढ़)। जिले के गंडई नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-14 स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जिस परिसर में छोटे बच्चों के पोषण, शिक्षा और सर्वांगीण विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित होती हैं, वहां शराबखोरी किए जाने के आरोप लगे हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

नशे का अड्डा बना आंगनबाड़ी केन्द्र

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, शाम ढलने के बाद और कई बार दिन में भी कुछ असामाजिक तत्व आंगनबाड़ी केंद्र परिसर को अपना अड्डा बना लेते हैं और वहां बैठकर शराब का सेवन करते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार परिसर में शराब की खाली बोतलें, डिस्पोजेबल गिलास और अन्य कचरा बिखरा हुआ देखा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परिसर का दुरुपयोग किया जा रहा है।

बच्चों और अभिभावकों के बीच जा रहा गलत संदेश

ग्रामीणों का कहना है, कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए एक सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण प्रदान करने का स्थान है। ऐसे में वहां शराबखोरी जैसी गतिविधियां न केवल केंद्र की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि बच्चों और अभिभावकों के बीच भी गलत संदेश देती हैं। लोगों का मानना है कि यदि नियमित निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी होती, तो इस तरह की घटनाएं सामने नहीं आतीं।

महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल

इस मामले ने महिला एवं बाल विकास विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र परिसर की नियमित जांच और निगरानी नहीं होने के कारण असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों और वार्डवासियों ने प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस से मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, नियमित निरीक्षण कराया जाए और परिसर में शराबखोरी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए उठाए ठोस कदम

अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। 

यह भी पढ़ेंः इटावा में बालश्रम के खिलाफ बड़ा अभियान, पांच नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू