समस्तीपुर के सरायरंजन में पुलिस अभिरक्षा के दौरान

समस्तीपुर में पुलिस हिरासत में मारपीट का आरोप, मेडिकल रिपोर्ट पर उठे सवाल

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समस्तीपुर (बिहार)। जिले के सरायरंजन थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा के दौरान मारपीट और मेडिकल रिपोर्ट में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। इस संबंध में सहजानंदपुर गांव निवासी भगवती कुमारी ने सिविल सर्जन, समस्तीपुर और सरायरंजन थाना में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा संबंधित डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। आवेदिका के आवेदन के अनुसार, उनके पति राहुल कुमार को 18 अक्टूबर 2026 की रात सरायरंजन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया था। भगवती कुमारी ने आरोप लगाया है कि पुलिस अभिरक्षा के दौरान उनके पति के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।

‘फिट फॉर कस्टडी’ घोषित करने का आरोप

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि राहुल कुमार को सरायरंजन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां कार्यरत डॉक्टर खुर्शीद आलम ने कथित तौर पर गंभीर चोटों की समुचित जांच किए बिना उन्हें ‘फिट फॉर कस्टडी’ घोषित कर मेडिकल रिपोर्ट तैयार कर दी। आवेदिका ने मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग

भगवती कुमारी ने इस मामले को लेकर सरायरंजन थाना में अलग से आवेदन देकर डॉक्टर खुर्शीद आलम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। वहीं, सिविल सर्जन को दिए गए आवेदन में भी मेडिकल जांच और रिपोर्ट की सत्यता की समीक्षा कराने की मांग की गई है।

पति को कथित रूप से गंभीर चोटें

आवेदिका का कहना है कि उनके पति को कथित रूप से गंभीर चोटें आने के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट में उन्हें कस्टडी के लिए फिट घोषित किया जाना जांच का विषय है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की भूमिका निर्धारित करने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।अब इस मामले में सरायरंजन थाना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।

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