राम मंदिर चंदा गबन मामला: राशिद अल्वी बोले- 'महमूद गजनवी और इन लोगों में क्या अंतर है?'
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने राम मंदिर चंदा गबन मामले के आरोपियों पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुलना महमूद गजनवी से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह महमूद गजनवी ने मंदिरों को लूटा था, उसी तरह इन लोगों ने भी मंदिर की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है।
हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
एएनआई से बातचीत में राशिद अल्वी ने मामले की जांच उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
'यह आस्था के साथ खिलवाड़ है'
राशिद अल्वी ने कहा, "यह चोरी है, यह डकैती है और लाखों लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। इस मामले की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए। सभी दोषियों को जेल भेजा जाना चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं कि महमूद गजनवी और इन लोगों में क्या अंतर है? उसने भी मंदिरों को लूटा था और इन लोगों ने भी मंदिर को लूटा है। फर्क सिर्फ इतना है कि उसे मंदिरों में आस्था नहीं थी, जबकि ये लोग आस्था होने का दावा करते हैं। इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।"
क्या है पूरा मामला?
अयोध्या के राम मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित गबन को लेकर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, तिन्नू यादव, मनीष यादव और अन्य के नाम शामिल हैं। यह मामला समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक पवन पांडे के आरोपों के बाद सामने आया। उन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर में चढ़ावे की 7 से 7.5 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया गया है।
एसआईटी कर रही है जांच
आरोप सामने आने के बाद 14 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। यह टीम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन की जांच कर रही है।
(एएनआई)
यह भी पढ़े: 'सीरीज अच्छी नहीं रही, लेकिन आयरलैंड जीत का पूरा हकदार था': 0-2 की हार के बाद बोले श्रेयस अय्यर