स्कूल अप्रूवल स्कैम में अंबिल महेश पोय्यामोझी को झटका, 6 नवंबर तक जेल में रहेंगे DMK नेता
चेन्नई: तमिलनाडु के पूर्व स्कूल शिक्षा मंत्री और DMK नेता अंबिल महेश पोय्यामोझी को एक कथित प्राइवेट स्कूल अप्रूवल स्कैम के सिलसिले में मद्रास हाई कोर्ट ने 6 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया, जिसके बाद उन्हें पुझल जेल ले जाया गया। अंबिल को सोमवार को गिरफ्तार किया गया था, जब मद्रास हाई कोर्ट ने उनकी एंटीसिपेटरी बेल पिटीशन खारिज कर दी थी। जस्टिस वी. लक्ष्मीनारायणन ने यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी कि प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट से पार्टी फंड के नाम पर कथित तौर पर पैसे इकट्ठा करने और फंड के आखिरी ठिकाने का पता लगाने के लिए कस्टडी में पूछताछ ज़रूरी है। अंबिल मगेश पोय्यामोझी को चेन्नई के अमिनजिकराई में एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया और पूछताछ के लिए ग्रेटर चेन्नई पुलिस कमिश्नरेट ले जाया गया। शुरुआती पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश करने से पहले मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया।
DMK ने गिरफ्तारी को बताया गैर-कानूनी
मेडिकल जांच के बाद पोय्यामोझी को मद्रास हाई कोर्ट लाया गया, जहां कानूनी कार्रवाई जारी रही। बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी और रिमांड की कानूनी वैधता को चुनौती देते हुए तर्क दिया कि ज़रूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। पोय्यामोझी को चेन्नई के राजीव गांधी सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद सोमवार रात करीब 10.10 बजे प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामलों के लिए स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। विल्सन और सरवनन समेत बचाव पक्ष के वकीलों और जॉन सत्यन की तरफ से पेश हुए सरकारी वकील की दलीलें दो घंटे सुनने के बाद जज एलएस सत्यमूर्ति ने अंबिल महेश पोय्यामोझी को 6 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया। बाद में उन्हें पुझल सेंट्रल जेल ले जाया गया। कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए, DMK के प्रवक्ता और वकील सरवनन अन्नादुरई ने गिरफ्तारी को गैर-कानूनी बताया और आरोप लगाया कि यह मामला राजनीतिक कारणों से बनाया गया है।
न्यायिक हिरासत के आदेश को ऊपरी अदालत में देगी चुनौती
अन्नादुरई ने कहा, गिरफ्तारी गैर-कानूनी है। अग्रिम जमानत की अर्जी सुबह 12 बजे खारिज कर दी गई। उन्होंने कहा कि बचाव पक्ष ने जज को बताया कि रिमांड में क्या गैर-कानूनी है और आरोप लगाया कि जरूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, हमने जज को बताया कि यह रिमांड कैसे गैर-कानूनी है और उन्होंने उन जरूरी नियमों का पालन नहीं किया है जिनका पालन किया जाना चाहिए। अन्नादुरई ने कहा कि जज ने दलीलों पर विचार किया, लेकिन फिर भी अंबिल महेश को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उन्होंने कहा कि वे इस आदेश को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे।
गिरफ्तारी के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेगी पार्टी
DMK प्रवक्ता ने कहा, जज ने इन सब बातों पर विचार किया, लेकिन फिर भी उन्हें हिरासत में भेज दिया। हम इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे और अदालत में साबित करेंगे कि यह गिरफ्तारी और हिरासत गैर-कानूनी है, गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है, पूरा मामला राजनीतिक कारणों से बनाया गया है। यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि पिछली DMK सरकार के दौरान, जब अंबिल महेश स्कूल शिक्षा मंत्री थे, सरकारी मंज़ूरी, परमानेंट मान्यता और स्कूलों को अपग्रेड करने की इजाज़त का वादा करके पार्टी फंड के नाम पर प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट से पैसे इकट्ठा किए गए थे।
(इनपुट: ANI)
ये भी पढ़ें- पाकिस्तान में अफगान शरणार्थियों की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस पर छापेमारी और वसूली के आरोप