महाराष्ट्र में नवरात्रि आयोजनों में मुस्लिमों की ए

नवरात्रि में मुस्लिमों की एंट्री पर सियासी घमासान, मुस्लिमों के शामिल होने में कुछ गलत नहीं: अमृता फडणवीस

Amruta Fadnavis Says Festivals Are for Everyone Amid Navratri Row

मुंबई (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र में नवरात्रि आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा है कि त्योहार सभी को साथ लेकर चलने और मिलकर मनाने के लिए होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति किसी उत्सव में शामिल होकर शांतिपूर्वक त्योहार मनाता है, तो इसमें उन्हें कुछ भी गलत नहीं लगता। उनका यह बयान बीजेपी नेता नितेश राणे के उस समर्थन के बाद आया है, जिसमें उन्होंने नवरात्रि के गरबा और डांडिया आयोजनों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग का समर्थन किया था।

VHP के मुस्लिमों की एंट्री रोकने के ऐलान का समर्थन

उनका यह बयान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता नितेश राणे द्वारा नवरात्रि आयोजनों में मुसलमानों के प्रवेश पर रोक लगाने के विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के आह्वान का समर्थन किए जाने के बीच आया है। विहिप ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि उत्सव के दौरान राज्यभर में आयोजित होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुसलमानों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

नितेश राणे ने VHP के रुख का समर्थन किया

राज्य के मंत्री नितेश राणे ने सोमवार को विहिप के इस रुख का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होना चाहिए।

अमृता फडणवीस ने त्योहारों को सबके लिए बताया

राणे की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अमृता फडणवीस ने कहा कि उनका मानना है कि त्योहार सभी को साथ लेकर चलने और सामूहिक रूप से मनाने के लिए होते हैं। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति भी वहां आता है और ठीक से त्योहार का आनंद लेता है, तो मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं दिखता।”

VHP ने गरबा आयोजनों के लिए जारी किए निर्देश

विहिप ने आयोजकों के लिए कुछ ‘‘दिशा-निर्देश’’ जारी किए हैं। इनमें प्रतिभागियों की पहचान के लिए उनके आधार कार्ड की जांच करने तथा उनके माथे पर तिलक लगाकर नवरात्रि के गरबा और डांडिया आयोजनों में उनकी पहचान सुनिश्चित करने की बात कही गई है। राणे ने आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि आयोजनों में आने वाले लोगों की पहचान की जांच की जानी चाहिए और प्रवेश से पहले उनसे हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाना चाहिए।

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