लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को नई

अंकिता भंडारी हत्याकांड: राहुल गांधी बोले- 'महिला विरोधी भाजपा से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती'

Ankita Bhandari Murder Case: Rahul Gandhi Targets BJP

नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को नई दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता के धरने में शामिल हुए। उनके साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर उनके प्रति समर्थन जताया और मामले में न्याय की मांग की। अंकिता के माता-पिता भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहे हैं। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील की है कि कथित वीआईपी एंगल से जुड़े मामले की सीबीआई जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

राहुल गांधी ने भाजपा पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अंकिता का परिवार पिछले चार साल से न्याय का इंतजार कर रहा है, जबकि मामले से जुड़े लोगों को संरक्षण मिलने और संवैधानिक पदों पर नियुक्त किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय नहीं मिला है, लेकिन एक ‘वीआईपी’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद से नवाजा गया है।” राहुल गांधी ने आगे कहा, “जहां बलात्कारियों और हत्यारों का पुष्पांजलि से स्वागत किया जाता है और अपराधियों को सत्ता की शक्ति से सम्मानित किया जाता है- ऐसी महिला विरोधी भाजपा से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती।” उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए अपने घर से दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं। राहुल गांधी ने परिवार के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि वह और कांग्रेस पार्टी उनके दुख और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं।

दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति का विरोध

अंकिता के माता-पिता भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने से नाराज हैं। परिवार का आरोप है कि मामले में कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने से पहले ऐसी नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति की प्रक्रिया रोकने की मांग की है। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने राष्ट्रपति से अपील करते हुए कहा, “दुष्यंत कुमार को जेल में होना चाहिए... मैं माननीय राष्ट्रपति से विनम्र निवेदन करता हूं कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार को राज्यपाल नियुक्त न किया जाए।” वहीं, अंकिता की मां सोनी देवी ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर से परिवार को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति की प्रक्रिया रोकने का आग्रह किया।

सितंबर 2022 में हुई थी अंकिता की हत्या

अंकिता भंडारी उत्तराखंड में ऋषिकेश के पास एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। उनका शव 24 सितंबर 2022 को चिल्ला नहर से बरामद हुआ था। इस मामले में कथित वीआईपी एंगल को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। मामले में रिसॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। 30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने तीनों को हत्या, सबूत नष्ट करने और अन्य आरोपों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

कौन हैं दुष्यंत कुमार गौतम?

दुष्यंत कुमार गौतम भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वह दिल्ली नगर निगम में पार्षद और राज्यसभा सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं। सोमवार को उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया। अंकिता का परिवार इस नियुक्ति पर सवाल उठा रहा है और मांग कर रहा है कि मामले से जुड़े कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

(एएनआई)

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