पश्चिम बंगाल का आशाकर्मियों ने ममता सरकार द्वारा व

आशाकर्मियों ने वेतन 15 हजार रुपए करने की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

आशाकर्मियों ने वेतन 15 हजार रुपए करने की मांग को लेकर किया विरोध प्रदर्शन

पश्चिम बंगाल का आशाकर्मियों ने ममता सरकार द्वारा वेतन में बढ़ाए गए एक हजार रुपए लेना अस्वीकार कर दिया और इसे अपना अपमान बताया। उन्होंने वेतन 15 हजार रुपए समेत कई मांगों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया और ऐलान किया पहले की तरह ही उनका आंदोलन उस समय तक चलता रहेगा जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जातीं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि केंद्र सरकार ने आशाकर्मियों को वेतन देना बंद कर दिया है लेकिन उनकी सरकार ऐसा नहीं किया और वेतन दे रही है। 

पश्चिम बंगाल आशाकर्मी यूनियन की नेताओं का कहना है कि उनका वेतन पांच हजार दो सौ पचास रुपए हैं। वेतन भी एक बार में और नियमित नहीं मिलता। उन्हें वेतन का हिसाब का पता ही नहीं चल पाता। स्वस्थ्य विभाग हिसाब मांगने पर भी हिसाब नहीं देता। उन्होंने कहा की ममता सरकार ने लक्खी भंडार योजना के तहत घर की महिलाओं का भत्ता एक हजार से डेढ़ हजार कर दिया लेकिन आशाकर्मियों की मांगों पर कोई ध्यान देते हुए केवल एक हजार की बढ़ोतरी की है। यह उनका अपमान है।

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