टीएमसी की सरकार के समय फर्जी राशनकार्ड बनाया गया : खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया ने कहा कि इस राज्य में एसआइआर में जिनका नाम बांग्लादेशी होने के कारण वोटर लिस्ट से हट गया है, उन्हें जन वितरण प्रणाली के तहत राशन नहीं मिलेगा, लेकिन मतुआ समुदाय के लोगों को राशन मिलेगा। उन्हें सीएए के लिए आवेदन देना होगा। उन लोगों को भी राशन मिलेगा, जिनका मामला अपीलेट ट्रिब्यूनल में विचारधीन है।
खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया का मानना है कि जिनका वोटर लिस्ट से नाम हट गया है, उन्हें राशन या सरकारी सुविधाएं मुहैया नहीं करानी चाहिए। अशोक कीर्तनिया बनगांव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि टीएमसी की सरकार के समय काफी फर्जी राशनकार्ड बनाया है। उनमें अधिकतर राशन कार्ड बांग्लादेश से घुसपैठ कर यहां रह रहे हैं। उन्होंने अपने विभाग के अधिकारियों की जांच कर ऐसे राशन 'कार्ड की सूची बनाने और उसे रद्द करने की कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों, जिनमें काफी तादाद में मतुआ समुदाय के लोग हैं, उनका नाम वोटर लिस्ट में शमिल नहीं हो पाया है, लेकिन उनके नाम से राशन कार्ड है, उन्हें राशन से वंचित नहीं किया जाएगा, लेकिन उन्हें सीएए के तहत आवेदन करना होगा। ऐसे हिंदू शरणार्थी या मतुआ हैं, जिनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल हीं हो पाया है और राशन कार्ड भी नहीं है, ऐसे हिंदू शरणार्थी या मतुआ को सीएए के तहत आवेदन करना होगा तब राशन कार्ड और राशन मुहैया कराया जाएगा।
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