असम में 1 लाख से अधिक अमूर फाल्कन की सुरक्षा के लि

असम में 1 लाख से अधिक अमूर फाल्कन की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, बसेरों के आसपास बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर रोक

Assam Bans Unauthorized Drone Flights to Protect Over 100,000 Amur Falcons

गुवाहाटी (असम)। असम में 1 लाख से अधिक प्रवासी पक्षियों अमूर फाल्कन के आगमन के बाद वन विभाग ने उनकी सुरक्षा के लिए अहम कदम उठाया है। विभाग ने पक्षियों के इकट्ठा होने और आराम करने वाली जगहों के आसपास बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक लगा दी है। यह फैसला पक्षियों की प्राकृतिक गतिविधियों को सुरक्षित रखने और उनके प्रवास में किसी तरह की बाधा रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। यह प्रतिबंध दीमा हसाओ जिले के उमरांगसो और मोरीगांव जिले के धरमतुल जैसे प्रमुख ठिकानों पर लागू होगा।

6 नवंबर को जारी हुआ प्रतिबंध का आदेश

असम के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) और मुख्य वन्यजीव वार्डन डॉ. विनय गुप्ता ने 6 नवंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, अमूर फाल्कन के बसेरों के आसपास बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने से पक्षियों को परेशानी हो सकती है। इससे उनके टकराने का खतरा पैदा हो सकता है और उनके प्राकृतिक व्यवहार में भी बाधा आ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए उनके प्रवास के दौरान संवेदनशील इलाकों में इन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।

DFO को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और निगरानी के निर्देश

वन विभाग ने संबंधित प्रभागीय वन अधिकारियों (DFO) को पक्षियों के लिए संवेदनशील इलाकों की पहचान करने और उनकी सीमाएं तय करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को इन स्थानों की प्रभावी निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। इसके लिए संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है। जरूरत पड़ने पर नियमों के तहत इन इलाकों को अस्थायी रूप से 'नो-ड्रोन जोन' भी घोषित किया जा सकता है।

पर्यटकों और फोटोग्राफरों को जागरूक करने का निर्देश

वन विभाग को पर्यटकों, फोटोग्राफरों, कंटेंट क्रिएटर्स और स्थानीय लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य लोगों को अमूर फाल्कन के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पक्षियों के इन स्थानों पर मौजूद रहने तक या अगले आदेश तक प्रतिबंध लागू रहेंगे। संबंधित अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने लोगों से की अपील

असम के वन मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने कहा कि अमूर फाल्कन के आगमन के बाद वन विभाग को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "हर साल, अमूर फाल्कन (एक प्रकार के बाज) हजारों किलोमीटर का सफर तय करके असम आते हैं। ये हमारे मौसमी मेहमान हैं। इस सीजन में, एक लाख से ज्यादा पक्षी यहां आए हैं। दीमा हसाओ का उमरांगसो और मोरीगांव का धरमतुल, इन पक्षियों के रुकने की मुख्य जगहें हैं। इनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।"

बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने और फोटोग्राफी पर रहेगी रोक

वन मंत्री ने बताया कि वन विभाग ने पक्षियों के इन स्थानों पर रहने के दौरान आसपास बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने पर प्रतिबंध लगाया है। उन्होंने पर्यटकों, फोटोग्राफरों, कंटेंट क्रिएटर्स और स्थानीय लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की। मंत्री ने कहा, "मैं सभी पर्यटकों, फोटोग्राफरों, कंटेंट क्रिएटर्स और स्थानीय लोगों से अपील करता हूं कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें और पक्षियों की स्वाभाविक गतिविधियों में कोई खलल न डालें। आइए, इन मेहमान पक्षियों के सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के प्रवास को सुनिश्चित करके, उनके प्रति अपनी मेहमाननवाजी दिखाएं।" (Source: ANI)

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