असम कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों पर 14 नेताओं को 6 साल के लिए निलंबित किया
गुवाहाटी (असम)। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कथित तौर पर दल-विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में बराक घाटी के 14 नेताओं को निलंबित कर दिया है। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई के निर्देशानुसार, इन पदाधिकारियों को 2026 के असम विधानसभा चुनावों के दौरान दल-विरोधी रुख अपनाने के लिए तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस के महासचिव रमन्ना बरुआ ने दिया आदेश
यह निर्णय प्रदेश कांग्रेस के महासचिव (संगठन) रमन्ना बरुआ द्वारा हस्ताक्षरित एक आदेश के माध्यम से सार्वजनिक किया गया। आदेश के अनुसार, निलंबित नेताओं में सिलचर जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष शमसुर रहमान चौधरी (जॉन), अख्तर हुसैन बरभुइया और मोजिबुर रहमान चौधरी, साथ ही महासचिव अजमोल हुसैन लस्कर, शाइन अहमद लस्कर, महबूब हुसैन (रिपन), हनीफ आलम मजूमदार, अल्ताफ हुसैन लस्कर (टिटू) और नजीब अहमद लस्कर शामिल हैं।
दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक
इसके अलावा, असम प्रदेश युवा कांग्रेस कमेटी के महासचिव एजाज लस्कर, अल्पसंख्यक विभाग के महासचिव जहुर चौधरी, सोनाई मंडल कांग्रेस कमेटी के महासचिव कादिर अहमद लस्कर, पूर्व जिला अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष अंसार हुसैन बरलस्कर और सोनाई निर्वाचन क्षेत्र के युवा कांग्रेस अध्यक्ष रकीब अहमद मजूमदार को भी निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने बुधवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
कांग्रेस का संघर्ष केवल राजनीतिक सत्ता के लिए नहीं
खरगे ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष केवल राजनीतिक सत्ता के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा करने, भारत के संविधान को कायम रखने और देश की जनता और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए है। (इनपुटः ANI)
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