इंदौर। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं, ज

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव, इंदौर के सराफा बाजार पर पड़ रहा असर

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव, इंदौर के सराफा बाजार में पड़ रहा असर

इंदौर। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसका सीधा असर इंदौर के सराफा बाजार में देखने को मिल रहा है। 

टीएमसी का व्हिप - वोट नहीं तो कोई काम नहीं

सराफा बाजार में करीब 10 हजार बंगाली कारीगर है, जिसमें से 75 फीसदी मुस्लिम और 25 फीसदी हिंदू है। कारीगरों ने जब जाने की बात कही तो व्यापारियों ने रोकने का प्रयास किया। तब ये बात सामने आई कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने व्हिप जारी किया है कि जो भी वोट नहीं देगा भविष्य में उनके परिवार का कोई काम नहीं होगा। मतदाता सूची से नाम भी कटवा दिया जाएगा जिससे नागरिकता का संकट भी खड़ा हो जाएगा। इस बात से कारीगरों में डर बैठ गया है।

ट्रेन में नो रूम की स्थिति, बसें भी हैं फुल

चुनाव में वोट डालने जाने के लिए कारीगर व उनके परिवार के जाने का सिलसिला शुरू हो गया हैं। इसके चलते कोलकाता जाने वाली शिप्रा एक्सप्रेस ट्रेन भी फुल हो गई है। 11 अप्रैल को 90, 14 को 71, 16 को 97 तो 18 को 125 और 21 को 114 की वेटिंग आ रही है। वहीं, 23 व 25 अप्रैल को नो रूम की स्थिति है। कई परिवारों ने मिलकर बसों को भी बुक कर लिया है। बताते हैं जिसका पैसा राजनीतिक दल ही चुकाएंगे। उन्हें छुट्टी करने का भी पैसा दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को होना है मतदान

पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर चुनाव होने हैं। ममता बनर्जी की तृष्णमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। यहां दो चरणों में मतदान होना है, जिसका पहला चरण 23 अप्रैल तो दूसरा 29 अप्रैल को है। यहां के चुनाव पर देश ही नहीं दुनिया की नजर है तो निर्वाचन आयोग के एसआइआर अभियान केबाद 90.66 लाख वोट के कम होने से मुकाबला रोचक हो गया है।

एक-एक वोट की कीमत राजनीतिक दलों को समझ में आ रही है। यही वजह है कि बंगाल से बाहर रहने वाले मतदाताओं पर भी पार्टियां फोकस कर रही है।

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