बरेली मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में एसोसिएट प्रोफेसर का मिला शव, जांच में जुटी पुलिस
बरेली (उत्तर प्रदेश)। मीरगंज थाना क्षेत्र स्थित सत्यराज आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में सोमवार को एक एसोसिएट प्रोफेसर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से कॉलेज प्रशासन और छात्रों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया अत्यधिक शराब सेवन और भीषण गर्मी के कारण मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
यूपी-112 कंट्रोल रूम तथा पीआरवी से सूचना मिलते ही पहुँची पुलिस
पुलिस के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 12:31 बजे यूपी-112 कंट्रोल रूम तथा पीआरवी के माध्यम से सूचना मिली कि मेडिकल कॉलेज के एक प्रोफेसर अपने कमरे में मृत अवस्था में पड़े हैं। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
जांच के दौरान कॉलेज परिसर की तीसरी मंजिल पर व्यक्ति का मिला शव
जांच के दौरान कॉलेज परिसर की तीसरी मंजिल पर स्थित हॉस्टल के कमरा संख्या एस-7 में एक व्यक्ति का शव कुर्सी पर बैठी अवस्था में मिला। मृतक की गर्दन एक ओर झुकी हुई थी। कमरे की तलाशी लेने पर पुलिस को दो भरी हुई शराब की बोतलें, एक खाली शराब की बोतल, फ्रूटी के खाली पैकेट, बिस्किट के रैपर और कुछ दवाइयां बरामद हुईं।
स्वास्थ्यवृत्त एवं योग विषय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर थे कार्यरत
हॉस्टल इंचार्ज डॉ. हेमेंद्र कलाल ने मृतक की पहचान डेव जॉन पुत्र जॉन पी. कुरियन निवासी एर्नाकुलम, केरल के रूप में की है। वह अप्रैल 2026 से कॉलेज में बीएएमएस विभाग के स्वास्थ्यवृत्त एवं योग विषय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे और कॉलेज हॉस्टल में ही रह रहे थे।
मानसिक रूप से थे परेशान
कॉलेज स्टाफ और कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि डेव जॉन पिछले कई दिनों से कमरे में अकेले रह रहे थे। वह लगातार शराब का सेवन कर रहे थे तथा नियमित रूप से भोजन भी नहीं कर रहे थे। पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई कि उनके पारिवारिक जीवन में कुछ तनाव चल रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान बताए जा रहे थे।
पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की कर रही जांच
प्रभारी निरीक्षक रवि कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
यह भी पढ़ेंः बीएचयू के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने एनेस्थीसिया की ड्रिप लगाकर की आत्महत्या, छात्रावास में मिला शव