औरंगाबाद कोर्ट ने 2013 के हमले के मामले में पांच द

औरंगाबाद में 2013 के हमले के मामले में 5 दोषियों को सजा, 307/149 में 5 साल की सजा

Aurangabad Court Sentences Five Convicts in 2013 Assault Case

औरंगाबाद (बिहार)। व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय आनंदिता सिंह ने कुटुंबा थाना की एक कांड में सज़ा के बिंन्दू पर सुनवाई करते हुए सभी पांचों अभियुक्तों को सज़ा सुनाई है। एपीपी मदन प्रसाद ने बताया कि थाना क्षेत्र के बसडिहा निवासी अभियुक्त रमेश राम, प्रमोद राम, विनोद राम, धिरेन्द्र राम एवं लालदेव राम को भादंवि धारा -341/149 में एक माह की सजा, धारा 323/149 में छह महीने की सजा, धारा 324/149 में दो साल की सजा, धारा 147 में छह महीने की सजा, धारा 148 में एक साल की सजा और 307/149 में पांच साल की सजा और 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। 

चार महिला अभियुक्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त

अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि अभियुक्तों को उल्लेखित धाराओं में 17 अगस्त को दोषी ठहराया गया था और अन्य चार महिला अभियुक्त चिंता देवी, कुंती देवी, मरच्छी देवी एवं सुनीता राम को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। इस वाद के सूचक विजय राम ने 6 अप्रैल 2013 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें बताया था कि 3 अप्रैल 2013 को 1:30 बजे दिन में एक फोन आया कि तुम्हारे बेटे जितेन्द्र को कुछ लोग मार देंगे तो दोडकर देखने गए। इस दौरान सभी अभियुक्तों ने मिलकर हम पर हमला कर दिया जिससे हमारा सिर फट गया और मैं बेहोश हो गया। 

जमीन विवाद में विजय राम पर हमला, 2013 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी

इसके बाद स्थाथानीय लोगों की मदद से सदर अस्पताल ले जाया गया। घटना के पिछे का कारण जमीनी विवाद बताया गाया। चार फरिकदार को सरकारी पर्चा मिला था और जमीन मापी 12 अप्रैल 2013 को होना था। इससे पूर्व ही अभियुक्तों ने विजय राम पर हमला कर दिया, आरोप गठन 4 दिसंबर 2013 और 8 फरवरी 2016 को हुई थी। 

यह भी पढ़े:   मक्का रक्षा समझौते में शामिल होने का ईरान को नहीं मिला न्योता, क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता के प्रस्ताव जरूर मिले