AI की मदद से एक्स-रे रिपोर्ट का तुरंत होगा विश्लेषण, मंडल कारा में चला विशेष अभियान
औरंगाबाद: टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के लिए शनिवार को मंडल कारा, औरंगाबाद में आधुनिक तकनीक से लैस एआई आधारित हैंडहेल्ड डिजिटल एक्स-रे मशीन के जरिए विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया। यह पहल जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर की गई।
AI की मदद से एक्स-रे रिपोर्ट का तुरंत किया जा रहा विश्लेषण
कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों के बीच टीबी रोग की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर समय पर इलाज शुरू करना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से एक्स-रे रिपोर्ट का तुरंत विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे यह पता चल रहा है कि किस कैदी में टीबी के संभावित लक्षण हैं।
जांच में टीबी की पुष्टि होने पर दी जाएगी पोषण सहायता
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन बंदियों की रिपोर्ट में संदेह पाया जाएगा, उनकी पुष्टि के लिए स्पुटम जांच, ट्रूनेट/सीबी-एनएएटी जैसे जरूरी टेस्ट कराए जाएंगे। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर उन्हें राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के तहत निःशुल्क दवा, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और पोषण सहायता दी जाएगी।
AI आधारित स्क्रीनिंग से बीमारी की जल्दी होगी पहचान
जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि मंडल कारा जैसे संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले स्थानों में 'एक्टिव केस फाइंडिंग' अभियान चलाना जरूरी है। AI आधारित स्क्रीनिंग से बीमारी की जल्दी पहचान होगी। संक्रमण रुकेगा और टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के अन्य संवेदनशील समूहों में भी इसी तरह का अभियान चलाया जाए।
टीबी मुक्त औरंगाबाद का संकल्प होगा और मजबूत
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में सक्रिय खोज, शीघ्र पहचान, बेहतर उपचार और पोषण सहयोग पर लगातार काम हो रहा है। मंडल कारा में हुई यह AI स्क्रीनिंग उसी दिशा में एक अहम कदम है, जिससे टीबी मुक्त औरंगाबाद का संकल्प और मजबूत होगा।
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