औरंगाबाद में दुकान खोल रहे मिथलेश चौरसिया बिजली पो

औरंगाबाद में करंट की चपेट में आने से मिठाई-पकौड़ी दुकानदार की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप

Aurangabad Shopkeeper Dies of Electric Shock, Power Department Blamed

औरंगाबाद (बिहार)। बिहार के औरंगाबाद जिले के माली थाना क्षेत्र के खैरा बिंद पंचायत में मंगलवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। मिठाई और पकौड़ी की दुकान खोल रहे मिथलेश चौरसिया की दुकान के बगल में लगे बिजली पोल में आए करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान माली निवासी मिथलेश चौरसिया, पिता स्व. राम प्रसाद बरई के रूप में हुई है। इस घटना ने बिजली विभाग की लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है।

गरीब परिवार के मिथलेश की मौत से पत्नी और बच्चे पर टूटा दुखों का पहाड़

बताया जा रहा है कि मिथलेश बहुत ही गरीब परिवार से थे। पिछले वर्ष ही उनका एक बच्चा नदी में डूबकर मर गया था। वह सिंघाड़ा और पकौड़ी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी का नाम चिंता देवी है और उनका एक 10 वर्ष का मासूम बच्चा है, जिसके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। 

घटना के बाद मौके पर पहुंचे मुखिया संघ के जिलाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने बिजली विभाग और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि दुकान के पास ही 11 हजार वोल्ट की लाइन में घटिया क्वालिटी का डिस्क लगा था। सरकार का नियम है कि बाजार और बस्ती वाली जगह पर 11 हजार की लाइन भी कवर वायर वाली होनी चाहिए, लेकिन यहां नंगा तार लटका हुआ था।

घटिया डिस्क से अर्थिंग आने का आरोप, करंट से गई जान

सुजीत सिंह ने बताया कि पहले मजबूत डिस्क लगता था, अब घटिया क्वालिटी का डिस्क लगाया जा रहा है। डिस्क पंचर होने से उसकी अर्थिंग दुकान के पास लगे एंगल में आ गई और उसी करंट की चपेट में आकर मिथलेश की मौत हो गई। अस्पताल ले जाते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मुखिया संघ अध्यक्ष ने और भी बड़ी लापरवाही उजागर की। 

बस्ती के बीच से गुजर रही 33 हजार वोल्ट की लाइन पर सवाल

उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार 33 हजार वोल्ट की लाइन किसी भी मकान या दुकान के ऊपर से क्रॉस नहीं कर सकती, लेकिन माली बाजार में नियम को ताक पर रखकर 33 हजार की लाइन को बस्ती के बीचों-बीच से पार कराया गया है। दूसरी बड़ी लापरवाही पोल गाड़ने में है। नियमानुसार पोल को कंक्रीट करके मजबूत करना होता है, लेकिन ठेकेदार सिर्फ गड्ढा खोदकर पोल गाड़ देते हैं और तार खींच देते हैं।

पोल झुकने से हादसों का खतरा, अधिकारियों पर FIR की मांग

बरसात में पानी भरने से पोल झुक जाता है और घटना होते है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मुखिया ने सीधे बड़े अधिकारियों और ठेकेदार पर FIR करने की मांग की है, जो बिल्कुल जायज है। ये अधिकारी ऑफिस में बैठे रहते हैं, किसी की नहीं सुनते। उन्होंने प्रशासन को आखिरी चेतावनी देते हुए संज्ञान लेने को कहा। 

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