औरंगाबाद में पिकअप और ऑटो की टक्कर में 5 लोग घायल, चालक फरार
औरंगाबाद (बिहार)। औरंगाबाद के नगर थाना क्षेत्र में शनिवार को तेज रफ्तार पिकअप ने पीछे से ऑटो में टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो पलट गया और उसमें सवार पांच लोग घायल हो गए। सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत खतरे से बाहर है। हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
हादसे के बाद सभी घायलों को सदर अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना शनिवार को हुई। हादसे की सूचना मिलते ही नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने सभी का इलाज शुरू किया। घायलों में शिवगंज पानी टंकी निवासी रामबली पासवान की पत्नी सबिता देवी, अनुज पासवान की पत्नी निर्मला देवी, पीएचईडी कॉलोनी निवासी त्रिपुरारी सिंह एवं उनकी पत्नी संगीता देवी तथा उड़ीसा राज्य के नयापारा जिले के खड़ियारु थाना क्षेत्र निवासी लखन यादव शामिल हैं। लखन यादव वर्तमान में धरनीधर रोड निवासी सरयू बाबू के यहां गौ सेवक के रूप में काम करते हैं।
गाय की तलाश में पशु मेले गई महिला लौटते समय हादसे का शिकार
इलाज के दौरान घायलों ने बताया कि संगीता देवी की गाय चोरी हो गई थी। इसी को देखने के लिए वह शिवगंज में लगने वाले पशु मेले में आई थी। उम्मीद थी कि शायद चोर उसे बेचने पहुंचा हो, लेकिन मेला में गाय नहीं मिली। लौटते समय पति के साथ ऑटो हादसे का शिकार हो गई।
पिकअप चालक मौके से फरार, दोनों वाहन पुलिस ने किए जब्त
वहीं सबिता देवी ने बताया कि वह अपनी जेठानी निर्मला देवी के साथ शिवगंज से औरंगाबाद इलाज कराने आ रही थी। रास्ते में पिकअप ने ऑटो को टक्कर मार दी। घायल लखन यादव भी मेले में अच्छी नस्ल की गाय देखने गए थे और वापसी के दौरान दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे के बाद पिकअप चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ऑटो और पिकअप दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है। पुलिसकर्मियों ने बताया कि फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
सभी घायल खतरे से बाहर, तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की मांग
डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस घटना के बाद इलाके में तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि मेले के दिनों में सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है, ऐसे में प्रशासन को विशेष निगरानी करनी चाहिए।
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