अयोध्या में 10वें दीपोत्सव पर 30 लाख दीयों से जगमगाए सरयू के 56 घाट
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी अयोध्या में 10वें दीपोत्सव के अवसर पर सरयू नदी के 56 घाट 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगा उठे। इस अलौकिक दृश्य ने पूरी रामनगरी को अद्भुत आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भव्यता से सराबोर कर दिया।
हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में सांस्कृतिक छटा
भव्य आयोजन के दौरान सरयू के तट पर एक शानदार लाइट-एंड-साउंड शो का आयोजन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक टीमों ने रामायण के मुख्य प्रसंगों का सजीव मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दीपोत्सव के इस 10वें संस्करण का गवाह बनने के लिए देशभर से आए हजारों श्रद्धालु घाटों पर मौजूद रहे। कई दिनों की तैयारियों के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में देश-प्रदेश की कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया।
दिग्गज नेताओं और संतों का महाजुटान
इस ऐतिहासिक समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई प्रमुख संतों और विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की।
समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि लंबे समय के बाद राज्य को एक संत के रूप में मुख्यमंत्री मिला है। उन्होंने कहा कि एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के प्रधानमंत्री बने नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से राष्ट्र का सफल नेतृत्व कर रहे हैं।
राम मंदिर को बताया स्वाभिमान का प्रतीक
उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि अयोध्या केवल एक स्मार्ट या सोलर सिटी नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक आत्मा है। आज भगवान राम के दर्शन कर मुझे गर्व की अनुभूति हो रही है कि पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में यह मंदिर संपूर्ण हिंदू स्वाभिमान के राष्ट्रीय स्मारक के रूप में खड़ा है।
राम कथा पार्क में राम-जानकी की पूजा-अर्चना और आरती के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशाल जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने अयोध्या के सदियों पुराने संघर्ष से लेकर वर्तमान सांस्कृतिक पुनर्जागरण तक की यात्रा को रेखांकित किया।
कारसेवकों के बलिदान का स्मरण और विरोधियों को नसीहत
राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कारसेवकों और संतों के बलिदान को याद किया। उन्होंने अतीत में आंदोलन को दबाने वाली राजनीतिक ताकतों पर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अयोध्या में एक एयरपोर्ट तक नहीं बन सकता था, लेकिन आज यहां महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा संचालित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने रामभक्तों और संतों पर गोलियां व लाठियां चलाई थीं, उन्हें अयोध्या आने से पहले सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी और अपने कृत्यों का पश्चाताप करना होगा।
पांच दिवसीय दिवाली उत्सव का पूरा शेड्यूल
अयोध्या में पांच दिवसीय दीवाली उत्सव की शुरुआत 6 नवंबर को धनतेरस के साथ हुई थी, जिसके बाद 7 नवंबर को छोटी दीवाली मनाई गई।
उत्सव की मुख्य पूजा और लक्ष्मी पूजन 8 नवंबर को संपन्न होगा। इसके बाद 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 10 नवंबर को भाई दूज का पर्व पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। (इनपुट: ANI)
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