अयोध्या में राम मंदिर CEO की नियुक्ति पर बैठक अखिलेश यादव के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। अयोध्या में राम जन्मभूमि ट्रस्ट की बैठक के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। अखिलेश यादव ने उम्मीद जताई है कि ‘राम धन’ की चोरी नहीं होगी, साथ ही उन्होंने अयोध्या में गरीबों की जमीन हड़पे जाने का आरोप लगाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। दरअसल, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में राम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति पर फैसला होने की उम्मीद है। 5,000 से ज्यादा आवेदनों की स्क्रीनिंग के बाद सर्च कमेटी अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप चुकी है।
अखिलेश का आरोप - अयोध्या में गरीबों की जमीन हड़पी जा रही
पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने आरोप लगाया कि अयोध्या में गरीबों की जमीन हड़पी जा रही है। यादव ने कहा, "जब नई चीजें होती हैं, तो क्या हम अतीत की घटनाओं को भूल जाते हैं? हमें किसी से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन जिस तरह से दान की चोरी हुई। इसमें आपने आम कर्मचारियों को तो जेल भेज दिया लेकिन बड़े नामों को छोड़ दिया। हमें उम्मीद है कि 'राम धन' की चोरी नहीं होगी।"
राम धन के बाद अखिलेश ने अयोध्या के विकास और जमीन पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा, "अयोध्या को विश्व स्तरीय शहर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए था। उनके (बीजेपी) मन में इतना लालच था कि गरीबों की जमीन हड़पी जा रही है।" इससे पहले, बुधवार को अयोध्या में श्री मणिरामदास छावनी में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक शुरू हुई, जिसमें राम जन्मभूमि मंदिर के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति पर चर्चा और निर्णय लिया जाना था।
राम मंदिर के पहले CEO के चयन पर ट्रस्ट की बैठक में मंथन
महंत दिनेन्द्र दास महाराज, महंत कमल नयन दास और कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज सहित ट्रस्ट के सदस्य बैठक स्थल पर पहुँचे। उम्मीद है कि बैठक के दौरान ट्रस्ट चयन रिपोर्ट पर चर्चा करेगा और अपने पहले CEO के नाम पर निर्णय लेगा। राम जन्मभूमि मंदिर के पहले CEO को चुनने के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने एक दिन पहले अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी। इस पद के लिए 5,000 से अधिक आवेदकों के बीच कड़ी स्क्रीनिंग प्रक्रिया हुई थी।
तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने सौंपी CEO चयन की अंतिम रिपोर्ट
यह रिपोर्ट एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान सौंपी गई, जिसमें ट्रस्ट के सदस्य - कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज, महंत दिनेन्द्र दास, कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन और अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी - शामिल थे। तीन सदस्यीय खोज समिति में रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी, पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे और पूर्व जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल हैं। (Source: ANI)
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