अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामला: पुलिस रिमांड में कैश, कार और सोने के गहने बरामद
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। राम मंदिर चंदे की कथित चोरी और हेराफेरी के मामले में अयोध्या पुलिस और एसआईटी (SIT) की जांच तेज हो गई है। पुलिस रिमांड के दौरान तीनों मुख्य आरोपियों से हुई कड़ाई से पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी, सोने के आभूषण और एक कार बरामद की है।
आरोपियों से हुई ये बरामदगी
पुलिस ने जेल से रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे की दी गई जानकारी के आधार पर कई ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें निम्नलिखित चीजें बरामद हुईंः
अनुकल्प मिश्रा: ₹20,000 नकद, एक सोने की चेन, एक मोबाइल फोन और उसके पिता के नाम पर खरीदी गई एक कार।
लवकुश मिश्रा: ₹38,000 नकद और एक सोने का लॉकेट। जांच में सामने आया है कि लवकुश ने चंदे के गबन किए गए पैसों से यह लॉकेट अपनी पत्नी को गिफ्ट किया था।
करुणेश पांडे: इसके पास से ₹15,000 की नकदी बरामद की गई है।
एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट में चोरी की पुष्टि
इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि राम मंदिर में आने वाले दान की गिनती के दौरान चोरी और पैसों की हेराफेरी के प्रथम दृष्टया (Prima Facie) सबूत मिले हैं।
मामले पर गरमाई राजनीति
"राम मंदिर के चंदे में हुई इस धांधली ने उत्तर प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। जहां समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव सहित विपक्षी दल सरकार को घेरते हुए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि मंदिर के पवित्र धन का दुरुपयोग करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।" पृष्ठभूमि: गुरुवार को अयोध्या पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद अयोध्या जेल से अपनी कस्टडी में लिया था, जिसके बाद यह अहम बरामदगी हुई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है। (एएनआई)
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