कप्तानगंज थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशो

आजमगढ़ में पुलिस मुठभेड़, दो बदमाश गिरफ्तार; 6 लाख के गहने बरामद

Azamgarh Police Encounter: Two Criminals Arrested, Jewelry Worth ₹6 Lakh Recovered

आजमगढ़: कप्तानगंज थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में दो आरोपितों के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कोतवाली क्षेत्र के हीरापट्टी निवासी दिनेश उर्फ लकी उर्फ बुढ़वा (34) और कोइराना निवासी दीपक उर्फ देवदत्त गौड़ (29) के रूप में हुई है। दोनों पर आजमगढ़ समेत अन्य जनपदों में चोरी सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस चेकिंग के दौरान मिली सूचना

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 18/19 अक्टूबर की रात कप्तानगंज पुलिस गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ऑटो रिक्शा से बंद मकानों की रेकी कर चोरी करने वाले दो बदमाश कोयलसा-देवरपुर मार्ग से आने वाले हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम जफरामऊ स्थित रानीपुर तिराहे के पास संदिग्ध ऑटो रिक्शा को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, वाहन सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपित घायल हो गए। उन्हें देर रात करीब 1:10 बजे गिरफ्तार कर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोयलसा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला चिकित्सालय आजमगढ़ रेफर कर दिया गया।

छह लाख के आभूषण समेत सामान बरामद

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो .315 बोर के अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और चार खोखा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा सोने की अंगूठियां, झुमके, मंगलसूत्र, चेन, मांग टीका, नथ तथा चांदी की पायल, बिछिया और अंगूठी सहित करीब छह लाख रुपये कीमत के आभूषण बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है। आरोपितों के पास से 7,500 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, एलसीडी टीवी, चोरी में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा, स्टील का बॉक्स, कुछ पहचान पत्र, एक रिमोट चाबी और 100 रुपये का एक जाली नोट भी मिला है।

बंद मकानों की रेकी कर करते थे चोरी

पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार, दोनों आरोपित ऑटो रिक्शा से अलग-अलग इलाकों में घूमकर बंद मकानों की रेकी करते थे। रात में मौका मिलने पर ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

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