संभावित बाढ़ और कटान को देखते हुए बलिया प्रशासन ने

बलिया में बाढ़ का खतरा, 106 गांव रेड जोन में; प्रशासन हाई अलर्ट पर

Ballia Administration on High Alert as 106 Villages Identified in Flood Red Zone

बलिया,(उत्तर प्रदेश)। जिले में संभावित बाढ़ और कटान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बाढ़ तैयारियों की समीक्षा बैठक कर सभी विभागों को समय रहते आवश्यक इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तहसील के कुल 106 गांव बाढ़ प्रभावित रेड जोन में चिन्हित

डीएम ने बताया कि बेल्थरारोड, सिकंदरपुर, बांसडीह, बलिया सदर और बैरिया तहसील के कुल 106 गांव बाढ़ प्रभावित रेड जोन में चिन्हित किए गए हैं। संबंधित खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को इन गांवों का पूर्व भ्रमण कर राहत केंद्रों के लिए सुरक्षित स्थान चिन्हित करने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

घाघरा और गंगा नदी के कटान की स्थिति पर चर्चा

समीक्षा के दौरान घाघरा और गंगा नदी के कटान की स्थिति पर भी चर्चा हुई। बैरिया के वशिष्ठ नगर, गोपालनगर टाड़ी और सिवान मठिया, बांसडीह के भोजपुरवा, महाराजपुर और चांदपुर तथा सिकंदरपुर के दियरा बंसीदास, बिजलीपुर दियारा महाराजपुरा, निपनिया एवं डूहा बिहरा सहित आठ गांवों में कटान की स्थिति गंभीर बताई गई।

प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा

जिलाधिकारी ने संबंधित एसडीएम और लेखपालों को निर्देश दिया कि कटान से प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। लेखपालों को प्रतिदिन कटान की रिपोर्ट देने और सिंचाई विभाग को तटबंधों की मरम्मत, जल निकासी, नालों की सफाई एवं सिल्ट हटाने के कार्यों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ प्रभावितों को तत्काल सहायता के निर्देश

बैरिया के गोपालनगर टाड़ी में घाघरा नदी में समाए तीन मकानों के प्रभावित परिवारों को तत्काल जमीन का पट्टा, आवास और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। वहीं भोजपुरवा गांव में नदी में बह चुकी पेयजल टंकी के स्थान पर वैकल्पिक शुद्ध पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी को नदी में समाए विद्यालय के शिक्षकों की सूची उपलब्ध कराने तथा पंचायत भवन में संचालित कक्षाओं में मिड-डे मील की जांच करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा

डीएम ने कहा कि सभी राहत केंद्रों पर जनरेटर, भोजन बनाने के लिए हलवाई, हैंडपंप, नाव, लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी संसाधनों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक नाव पर दो लाइफ जैकेट और "जिला प्रशासन बलिया" अंकित झंडा लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला पूर्ति अधिकारी को खाद्यान्न का पर्याप्त भंडारण, मुख्य चिकित्साधिकारी को मेडिकल टीम, मोबाइल मेडिकल यूनिट, एंबुलेंस और दवाओं की व्यवस्था तथा पशु चिकित्सा विभाग को पशुओं के लिए चारा और सुरक्षित ठहराव की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी एसडीएम को तहसील स्तर पर बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित करने और कंट्रोल रूम के नंबर सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित कराने को कहा गया।

आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश

जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तीन समितियों का गठन किया जाएगा। साथ ही एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें भी तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, डीडीओ आनंद प्रकाश, एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा सहित सभी एसडीएम, बीडीओ और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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