बलिया के रसड़ा में हुए मां-बेटी डबल मर्डर केस का प

बलिया में समाज में प्रतिष्ठा बचाने के लिए कलयुगी पति ने की थी मानसिक बीमार पत्नी और दृष्टिहीन बेटी की हत्या

Ballia Double Murder: Man Arrested For Killing Wife And Blind Daughter

बलिया (उत्तर प्रदेश)। जनपद के रसड़ा थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद में हुए दिल दहला देने वाले मां-बेटी डबल मर्डर केस की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। रसड़ा कोतवाली, स्वाट और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने वारदात का अनावरण करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सहित तीन आरोपियों को धर दबोचा। चौंकाने वाली बात यह है कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाला परिवार का मुखिया ही अपनी पत्नी और दृष्टिहीन बेटी का हत्यारा निकला।

मानसिक बीमार पत्नी और दृष्टिहीन बेटी को रास्ते से हटाने की रची खौफनाक साजिश

​पुलिस जांच में सामने आया कि वादी रामचीज गुप्ता की पत्नी मान्ती देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जबकि बेटी गौरी दृष्टिहीन थी। पत्नी की मानसिक बीमारी और बेटी के दिव्यांग होने के कारण रामचीज समाज में खुद को अपमानित महसूस करता था। पत्नी अक्सर बिना कपड़ों के गांव और चट्टी की तरफ निकल जाती थी और कई दिनों तक गायब रहती थी। उस दौरान दृष्टिहीन बेटी दूसरों के घरों से मांगकर पेट भरने को मजबूर थी। इसी सामाजिक हीनभावना और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचने के डर से रामचीज ने दोनों को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।

बेटी के शव को पास के खेत में फेंका

​रामचीज ने अपने गांव के ही दो युवकों, चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को अपनी योजना में शामिल किया। पहले दोनों हिचकिचा रहे थे, लेकिन 16 सितंबर की शाम वे तैयार हो गए। इसके बाद तीनों ने मिलकर धारदार हथियार (दाव) से मान्ती देवी और गौरी की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद बेटी के शव को पास के खेत में फेंक दिया गया, जबकि खून के धब्बे साफ कर रामचीज ने गांव में अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या किए जाने का झूठा नाटक रचा।

तीनों आरोपी गिरफ्तार 

​मुखबिर की सटीक सूचना पर संयुक्त पुलिस टीम ने 19 सितंबर की भोर में सिधागरघाट के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपी रामचीज गुप्ता, चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। कब्जे से आला कत्ल (दाव), ​घटना के वक्त पहने गए खून से सने कपड़े (रामचीज का कुर्ता व चंदन यादव की टी-शर्ट), ​रसड़ा पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। 

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