बलिया में दो युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गए और बेसिक श

बलिया में मोबाइल टावर पर चढ़े दो युवक, बेसिक शिक्षा विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दी आत्महत्या की चेतावनी

Two Men Climb Mobile Tower, Allege Corruption, Threaten Suicide

बलिया (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अपनी मांगों और न्याय की गुहार को लेकर टावर पर चढ़ने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगरा थाना क्षेत्र अंतर्गत इनामीपुर नरही स्थित शिव मंदिर के पास बने एक मोबाइल टावर पर दो युवक चढ़ गए और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए आत्महत्या की चेतावनी दे डाली। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे और बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। युवकों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।

​BSA मनीष सिंह पर लगाए गंभीर आरोप

टावर के शीर्ष से वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए युवकों ने सीधे तौर पर बलिया के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह पर मिलीभगत और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप जड़े। युवकों का कहना है कि एक ही परिवार के तीन लोग—पिता (पारसनाथ यादव), बेटा (देवेंद्र यादव) और बहू (माधुरी यादव)—फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक बने और सरकारी वेतन व पेंशन उठा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मानक विहीन 'चंद्रा पब्लिक स्कूल' चलाने और शिक्षकों के स्कूल न जाने का भी आरोप लगाया।

​3 साल से लगा रहे थे चक्कर, अब टावर ही आखिरी रास्ता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए युवकों ने कहा कि वे पिछले तीन वर्षों से 70-70 पेजों के साक्ष्य लेकर अधिकारियों की चौखट और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जनसूचना और शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिले के अधिकारियों की अनदेखी और निराशा से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है।

​प्रशासनिक अमला मौके पर तैनात

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कई घंटों से दोनों युवक टावर पर जमे हुए हैं, जबकि नीचे मौजूद पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार लाउडस्पीकर और मान-मनौव्वल के जरिए उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी है। विभाग के खिलाफ इस तरह के खुले विरोध प्रदर्शन से प्रशासनिक गलियारों में भारी खलबली मची हुई है। वही वीडियो बलिया में जमकर वायरल हो रहा है। 

यह भी पढ़ें:   रायबरेली राष्ट्रीय लोक अदालत में 1,98,228 मामलों का निस्तारण, 21.66 करोड़ से अधिक के समझौते