मानसून में भी गुलजार बांधवगढ़, बफर जोन में पर्यटकों को हो रहे बाघों के दीदार
उमरिया,(मध्य प्रदेश)। मानसून के आगमन के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कोर पर्यटन क्षेत्र भले ही 1 जुलाई से 30 सितंबर तक के लिए बंद हो गया हो, लेकिन जंगल का रोमांच थमा नहीं है। इन दिनों पनपथा और धमोखर बफर क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। हरियाली से लदे जंगल, बहते झरने और बाघों की मौजूदगी पर्यटकों को ऐसा अनुभव दे रही है, जो मानसून की सफारी को खास बना रहा है।
मानसून में भी बांधवगढ़ का आकर्षण कम
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि कोर क्षेत्र बंद होने के बावजूद बफर क्षेत्र पर्यटकों के लिए खुले हैं और यहां लगातार पर्यटक पहुंच रहे हैं। 1 जुलाई से 10 जुलाई 2026 के बीच पनपथा और धमोखर बफर क्षेत्र में 300 से अधिक भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। इससे स्पष्ट है कि मानसून में भी बांधवगढ़ का आकर्षण कम नहीं हुआ है।
दुर्लभ नजारों को देखकर पर्यटक उत्साहित
इन दिनों धमोखर बफर क्षेत्र सबसे अधिक चर्चा में है। यहां एक बाघिन अपने शावकों के साथ नियमित रूप से दिखाई दे रही है। जंगल के बीच मां के साथ खेलते और अठखेलियां करते शावकों का दृश्य पर्यटकों के लिए किसी रोमांचक पल से कम नहीं है। सफारी के दौरान इन दुर्लभ नजारों को देखकर पर्यटक उत्साहित हो रहे हैं और कैमरों में इन यादगार क्षणों को कैद कर रहे हैं।
धमोखर में तेंदुओं की नियमित मौजूदगी
धमोखर में तेंदुओं की नियमित मौजूदगी भी पर्यटकों का रोमांच बढ़ा रही है। वहीं पनपथा बफर क्षेत्र में भी लगातार बाघ के सफल दर्शन हो रहे हैं। यही वजह है कि मानसून के मौसम में भी दोनों बफर क्षेत्रों की सफारी वन्यजीव प्रेमियों की पहली पसंद बनी हुई है।
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