लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बैंकों का “क्रेडिट-डिपोजिट

यूपी में बैंकों का सीडी रेशियो 60 फीसदी के पार पहुंचा

Credit Deposit Ratio

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बैंकों का “क्रेडिट-डिपोजिट रेशियो”(सीडी रेशियो) 60 फीसदी हुआ। वर्ष 2017 में यह 47 फीसदी था। यह वृद्धि राज्य की अर्थव्यवस्था में बेहतर तरलता (liquidity) और ऋण की आसान उपलब्धता को दर्शाती है। हालांकि, यह अभी भी 80% के राष्ट्रीय औसत से कम है। महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों में यह सीडी रेशियो 100% से अधिक है।

2017 के मुकाबले तेजी से बढ़ा सीडी रेशियो

उत्तर प्रदेश में बैंकों का क्रेडिट-डिपोजिट (CD) रेशियो 2017 के 47% के मुकाबले बढ़कर अब लगभग 60 % हो गया है। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार यूपी का सीडी रेशियो अब 60.39% से अधिक हो गया है। यह वृद्धि राज्य के बैंकिंग क्षेत्र में 2016-17 में ₹12.80 लाख करोड़ से बढ़कर ₹26.80 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। सीडी रेशियो में बढ़ोतरी राज्य के बैंकिंग व्यवसाय की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।

प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा

सीडी रेशियो में सुधार से बैंकों में जमा 60 फीसदी पैसा अब प्रदेश के ही लोगों के आर्थिक विकास और आवश्यकताओं को पूरा करने पर खर्च हो रहा है। हालांकि इस वृद्धि के बावजूद यूपी के पूर्वांचल और बुंदेलखंड के अधिकतर जिले कर्ज पाने के मामले में अब भी पीछे हैं।

सीएम योगी ने तय किया 62 फीसदी का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक उत्तर प्रदेश का कुल क्रेडिट डिपाजिट रेशियो यानी सीडी रेशियो 62 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य तय किया है। पिछले दिनों राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (एसएलबीसी) की विशेष बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी बैंक प्रतिनिधियों से सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए ठोस और प्रभावी प्रयास करने को कहा। बैठक में बताया गया कि दिसंबर 2025 तक प्रदेश का सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत पहुंच गया है, जो पिछले लगभग दस वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है।

जिलेवार स्थिति में भी आया सुधार

जिलेवार समीक्षा में बताया गया कि 40 प्रतिशत से कम सीडी रेशियो वाले जिलों की संख्या अब केवल 5 रह गई है। मार्च 2018 में ऐसे 20 जिले थे। 40 से 50, 50 से 60 और 60 से 80 प्रतिशत श्रेणी वाले जिलों की संख्या में लगातार सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मार्च 2026 तक सभी जिलों के सीडी रेशियो में लक्ष्य के अनुरूप सुधार सुनिश्चित किया जाए।

कई जिलों में अब भी कर्ज वितरण कम

सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार यूपी 10 जिलों को 75 से 89 फीसदी तक कर्ज मिल रहा है। शेष 69 जिलों में कर्ज अनुपात बढ़ा है पर अंतर ज्यादा है। प्रदेश के 50 फीसदी से कम “क्रेडिट-डिपोजिट रेशियो” वाले जिलों में राजधानी लखनऊ सहित बहराईच, चित्रकूट, जालौन, भदोही, संतकबीर नगर, अमेठी, बाँदा, मिर्जापुर, कौशाम्बी, औरैया, बस्ती, सिद्धार्थ नगर, सुल्तानपुर, देवरिया, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, प्रयागराज, बागपत, सोनभद्र, अयोध्या, प्रतापगढ़, आजमगढ़, बलिया, उन्नाव का नाम शामिल है।

यह भी पढ़े: मप्र में प्रोबेशन वेतन कटौती SC चुनौती

https://www.primenewsnetwork.in/state/mp-government-may-challenge-probation-pay-cut-in-sc/147510