अगस्त में बैंक ऋण वृद्धि 18.8% पर पहुंची, उद्योग और सेवा क्षेत्र में भी तेज उछाल
मुंबई: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में बैंक ऋण वृद्धि में तीव्र उछाल आया, जिसमें खुदरा ऋणों में निरंतर वृद्धि के साथ-साथ व्यवसायों और सेवाओं को दिए जाने वाले ऋणों में भी तेजी आई। RBI के आंकड़ों के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक गैर-खाद्य बैंक ऋण में पिछले साल की इसी अवधि के 10.2 प्रतिशत की तुलना में 18.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई। गैर-खाद्य ऋण में मोटे तौर पर व्यवसायों और परिवारों को दिए जाने वाले बैंक ऋण शामिल हैं, जिनमें खाद्य खरीद से जुड़े ऋण शामिल नहीं हैं।
उद्योग क्षेत्र में कर्ज वृद्धि 18.2% पर पहुंची
यह वृद्धि व्यापक स्तर पर देखी गई, जिसमें उद्योग और सेवा दोनों क्षेत्रों को दिए जाने वाले ऋण में पिछले साल की तुलना में काफी तेजी से वृद्धि हुई, जो अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत ऋण मांग को दर्शाता है। उद्योग को दिए जाने वाले ऋण में 18.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 7 प्रतिशत से अधिक है। RBI ने कहा कि बड़े और मध्यम उद्योगों को दिए जाने वाले ऋण में तेजी आई, जबकि सूक्ष्म और लघु उद्योगों को दिए जाने वाले ऋण में लगातार वृद्धि जारी रही। प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में, अवसंरचना, इंजीनियरिंग, धातु, रसायन, खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, निर्माण और पेट्रोलियम से संबंधित उद्योगों में ऋण वृद्धि मजबूत रही।
सेवा क्षेत्र में बैंक ऋण 24.3% बढ़ा, कृषि कर्ज में भी तेजी
व्यापक श्रेणियों में सेवा क्षेत्र में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें बैंक ऋण में 24.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो एक वर्ष पहले के 10.3 प्रतिशत से अधिक है। आरबीआई ने कहा कि यह वृद्धि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), व्यापार, पेशेवर सेवाओं और वाणिज्यिक अचल संपत्ति को दिए गए मजबूत ऋण के कारण हुई। कृषि ऋण में भी मजबूती आई और इसमें पिछले वर्ष की इसी अवधि के 7.6 प्रतिशत के मुकाबले 17.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई।
व्यक्तिगत कर्ज में 16.9% की बढ़ोतरी
वहीं, व्यक्तिगत ऋण में 16.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो एक वर्ष पहले के 11.9 प्रतिशत से अधिक है। आवास और वाहन ऋण में दोहरे अंकों की वृद्धि जारी रही, जबकि क्रेडिट कार्ड बकाया और सोने के आभूषणों के बदले दिए गए ऋणों की वृद्धि धीमी रही। आरबीआई के आंकड़े 41 अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के आंकड़ों पर आधारित हैं। नवीनतम आंकड़ों से पता चलता है कि बैंक ऋण में वृद्धि केवल घरेलू उधार से ही नहीं हो रही है, बल्कि उद्योग और सेवा क्षेत्रों में भी मजबूत ऋण वृद्धि देखी जा रही है।
(इनपुट: ANI)
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