बरेली में रामगंगा का तेज कटान, प्राचीन मंदिर नदी में समाया; पानी की टंकी भी ध्वस्त
बरेली (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में नदी के तेज कटान से दो अलग-अलग घटनाएं सामने आई हैं। मीरगंज तहसील के कपूरपुर गांव में रामगंगा नदी का कटान बढ़ने से एक प्राचीन मंदिर नदी में समा गया। वहीं, शेरगढ़ विकासखंड के बैरमनगर इलाके में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन पानी की टंकी मंगलवार सुबह किच्छा नदी में ढहकर गिर गई। प्रशासन ने टंकी गिरने की घटना की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है।
रामगंगा के कटान में समाया प्राचीन मंदिर
कपूरपुर गांव में रामगंगा नदी का कटान लगातार मंदिर की ओर बढ़ रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक नदी के तेज बहाव के कारण मंदिर को बचाने के लिए किए गए सुरक्षा इंतजाम कारगर नहीं हो सके और मंदिर नदी में समा गया। ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर के साथ-साथ आसपास के खेतों और आबादी पर भी नदी के कटान का खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि प्रशासन और ग्रामीणों ने मंदिर को बचाने के प्रयास किए थे, लेकिन नदी का तेज बहाव लगातार चुनौती बना रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए स्थायी इंतजाम कराने की मांग की है।
करीब चार करोड़ की निर्माणाधीन टंकी किच्छा नदी में गिरी
शेरगढ़ विकासखंड के बैरमनगर इलाके में जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2023 से करीब चार करोड़ रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा था। मंगलवार सुबह तेज कटान और नदी के बहाव के बीच टंकी हिलने लगी और देखते ही देखते ढहकर किच्छा नदी में गिर गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक नदी में तेज बहाव के कारण कटान बढ़ रहा था, जिसकी वजह से टंकी की स्थिति लगातार कमजोर हो रही थी। घटना से चार दिन पहले ही टंकी की चारदीवारी भी बह गई थी।
एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर ली जानकारी
टंकी के गिरने और चारदीवारी बहने की सूचना मिलने के बाद उप जिलाधिकारी निधि शुक्ला मौके पर पहुंची थीं। उन्होंने अधिकारियों और ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली थी। निधि शुक्ला ने बताया, "कटान से प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और संबंधित विभागों तथा राजस्व टीम को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। कटान से प्रभावित स्थानों पर बचाव कार्य भी कराया जा रहा है।"
चार सदस्यीय समिति करेगी जांच
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, शेरगढ़ में निर्माणाधीन पानी की टंकी ढहने की घटना की जांच के लिए जिला प्रशासन ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। अपर जिलाधिकारी पूर्णिमा सिंह की अगुवाई में गठित यह समिति एक सप्ताह के भीतर स्थलीय निरीक्षण करेगी। समिति घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी और कार्यदायी संस्था को चिह्नित करेगी तथा अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी।
शीशगढ़ में भी पानी की टंकी पर कटान का खतरा
उधर, शीशगढ़ विकासखंड के बुजुर्ग गांव में बनी पानी की टंकी भी भाखड़ा नदी के कटान की जद में आ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक टंकी पर गिरने का खतरा बना हुआ है और वह किसी भी दिन ढह सकती है। प्रशासन की ओर से कटान प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी और बचाव कार्य किए जाने की बात कही गई है। इस बीच ग्रामीणों ने नदी के कटान को रोकने के लिए स्थायी उपाय किए जाने की मांग की है। (इनपुट: PTI)
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