कभी जिले की शान और प्रमुख पहचान रहा बेहटा पुल का प

इंदिरा गांधी ने 51 साल पहले रखी थी आधारशिला, आज अपनी पहचान बचाने को तरस रहा बेहटा पिकनिक स्पॉट

Development Issues

रायबरेली {उत्तर प्रदेश}: कभी जिले की शान और प्रमुख पहचान रहा बेहटा पुल का पिकनिक स्पॉट आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। प्रशासनिक उपेक्षा और देखरेख के अभाव में यह खूबसूरत स्थल समय के साथ अपनी चमक पूरी तरह खो चुका है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सिंचाई विभाग की जिस जमीन पर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया गया था, उसकी जानकारी आज खुद विभागीय अधिकारियों को भी नहीं है।

51 साल पहले रखी गई थी नींव

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस पिकनिक स्पॉट की परिकल्पना करीब 51 साल पहले की गई थी। वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बेहटा पुल पर सई सेतु का उद्घाटन किया था। इसके साथ ही सेतु के नीचे लगभग सात एकड़ भूमि पर औषधीय पौधों और दुर्लभ फूलों का एक सुंदर पार्क विकसित किया गया था, जो कभी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र हुआ करता था। हालांकि, आज न तो वे दुर्लभ फूल बचे हैं और न ही औषधीय पौधे। देखरेख के अभाव में यहां लगी कीमती लाइटें भी चोरी हो चुकी हैं।

गोमती तट जैसा था बेहटा का सौंदर्य

उत्तर प्रदेश में नदी तट पर विकसित विशेष पिकनिक स्थलों में एक लखनऊ के गोमती तट पर और दूसरा रायबरेली के सई नदी तट पर स्थित बेहटा पिकनिक स्पॉट था। बेहटा निवासी 80 वर्षीय रामलाल बताते हैं कि 10-15 साल पहले तक यहां का नजारा बेहद आकर्षक हुआ करता था। दूर-दूर से लोग इसकी खूबसूरती देखने आते थे। परिसर में बने डाक बंगले में पर्यटकों के ठहरने की भी बेहतर व्यवस्था थी।

असामाजिक तत्वों का अड्डा बना स्थल

सालों से उपेक्षित रहने के कारण यह ऐतिहासिक स्थल अब असामाजिक तत्वों और आवारागर्दी का अड्डा बन चुका है। टूटी-फूटी संरचनाएं, बिखरा कचरा और चारों ओर फैली गंदगी इसकी बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस स्थल की देखभाल की गई होती, तो यह आज भी जिले का सबसे बड़ा पर्यटन केंद्र बन सकता था।

रेलवे स्टेशन पर अब भी पर्यटन स्थल की पहचान

इस पूरे मामले का एक विडंबनापूर्ण पहलू यह भी है कि रायबरेली रेलवे स्टेशन के सूचना पट्ट पर आज भी बेहटा पिकनिक स्पॉट को जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल कर प्रदर्शित किया जाता है। बाहर से आने वाले पर्यटक जब स्टेशन पर लगी जानकारी के आधार पर बेहटा पुल पहुंचते हैं, तो उन्हें यहां सिर्फ खंडहर और निराशा ही हाथ लगती है।

जल्द होगी जांच, पुनर्विकास की बनेगी योजना

मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अंजुलता ने बताया कि बेहटा पुल स्थित सई सेतु और पर्यटन स्थल का मामला उनके संज्ञान में है। जल्द ही एक विशेष टीम भेजकर इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इस पिकनिक स्पॉट को पुनर्जीवित करने और दोबारा विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

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