मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के मुख्य चुनाव अ

बीएलओ से समर्थन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आईं आगे

बीएलओ से समर्थन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आईं आगे

चुनाव आयोग को घेरने की कोशिश

कोलकाता।  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने वाले बीएलओ के समर्थन में आगे आकर चुनाव आयोग को इस सवाल से घेरने की कोशिश की है कि प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के सामने घंटों क्यों रोक रखा गय। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायतों को रखना चाहते थे। उनकी समस्या सच और मांग जायज है।  चुनाव आयोग की ओर से राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी की सुरक्षा के मामले को लेकर कोलकाता पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से सवाल किया है।  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बीएलओ अपनी समस्य़ाओं और मांगों को लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात करना चाहते थे। उन्हें 48 घंटे तक कार्यालय के सामने रोक कर रखा गया। मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा मुलाकात नहीं करने और समस्यओं व मांगों को नहीं सुनने की वजह से बीएलओ को विरोध जताना पड़ा। उनका विरोध शांतिपूर्ण तरीके का था। इसके बावजूद उनके साथ बदसलूकी की गई।  मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआइआर के काम के बोझ से तीन बीएलओ की मौत हो गई। चुनाव आयोग के एसआइआर के दहशत से 35 से ज्यादा वोटरो की मौत हो गई। केवल पश्चिम बंगाल में ही नहीं गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दूसरे राज्यों में बीएलओ की आत्महत्या की घटनाएं हुई। चुनाव आयोग जिस काम को दो साल में पूरा कराना चाहिए था, वह दो महीने में पूरा करा रहा है। बीएलओ परेशान हैं। ऐसी स्थिति में वे चुनाव आयोग से अपनी समस्याओ और मांगों को रखना चाहते हैं। लेकिन चुनाव आयोग उनकी उपेक्षा कर रहा है।  गौरतलब है कि राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी के समक्ष बीएलओ द्व्रारा किए गए प्रदर्शन ओर विरोध के मुद्दे पर चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस को 48 घंटे में रिपोर्ट देने को कहा है।

इसे भी पढ़ेः

चुनाव आयोग के तीन अधिकारी पश्चिम बंगाल में चार दिसंबर तक रहेंगे

https://www.primenewsnetwork.in/state/eci-bengal-nose-tighten-blo/99032