बेंगलुरु पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 31 बांग्लादेश

बेंगलुरु पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 31 बांग्लादेशी नागरिक निर्वासन के लिए भेजे गए पश्चिम बंगाल

Bangladeshi immigrants being sent to Malda for deportation

बेंगलुरु (कर्नाटक)। बेंगलुरु पुलिस ने शहर में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 31 बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन में अगस्त के दौरान चलाए गए विशेष अभियान में पकड़े गए इन विदेशी नागरिकों को निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया के लिए पश्चिम बंगाल भेज दिया गया है।

20 सदस्यीय टीम की निगरानी में मालदा रवाना

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में अवैध आव्रजन के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन के तहत आने वाले 10 थानों में अगस्त में चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान इन 31 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया था। इलेक्ट्रॉनिक सिटी के डीसीपी एम. नारायण के मुताबिक, सोमवार को 31 हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों को 20 सदस्यीय पुलिस टीम की निगरानी में बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) से पश्चिम बंगाल के मालदा ले जाया गया।

पुलिस टीम बुधवार तड़के मालदा पहुंची। वहां इन सभी को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें करमा तीर्थ होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। अब पश्चिम बंगाल के अधिकारी इनके बांग्लादेश वापस भेजे जाने यानी निर्वासन की प्रक्रिया से जुड़ी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करेंगे। पुलिस के अनुसार, इसके बाद संबंधित प्रक्रिया के तहत इन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

इलेक्ट्रॉनिक सिटी में बड़े पैमाने पर चला था अभियान

इससे पहले पिछले महीने बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी सब-डिवीजन की पुलिस ने अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। पुलिस के मुताबिक, 29 अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में 1,909 संदिग्ध अवैध प्रवासियों को हिरासत में लिया गया था।

दस्तावेजों की जांच के बाद इनमें से 15 लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस के अनुसार, इन लोगों के पास फर्जी आधार कार्ड मिले थे, जिनमें उनका मूल स्थान पश्चिम बंगाल और असम दर्शाया गया था। यह अभियान शनिवार तड़के डीसीपी इलेक्ट्रॉनिक सिटी एम. नारायण के नेतृत्व में चलाया गया था। करीब सुबह 4 बजे से 23 विशेष पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की थी।

पूरे अभियान में पुलिस के 295 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। कार्रवाई का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक सिटी इलाके में रह रहे ऐसे संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान करना और उन्हें हिरासत में लेना था, जिनके भारत में रहने की वैधता पर संदेह था।

1,894 संदिग्धों के दस्तावेजों की जांच जारी

पुलिस ने बताया कि दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच में 15 लोगों को अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिक के तौर पर चिन्हित किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इनके पास मौजूद आधार कार्ड फर्जी पाए गए और उनमें पश्चिम बंगाल तथा असम को उनका मूल स्थान बताया गया था।

वहीं, अभियान में पकड़े गए बाकी 1,894 संदिग्धों के दस्तावेजों की जांच अभी जारी है। पुलिस उनके वीजा, पासपोर्ट और राष्ट्रीयता से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी बारीकी से पड़ताल कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन संदिग्धों में से कितने लोग वास्तव में अवैध रूप से भारत में रह रहे थे।

बांग्लादेश के खुलना जिले से जुड़े हैं पुष्टि किए गए 15 लोग

पुलिस के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिक के तौर पर पुष्टि किए गए 15 लोग बांग्लादेश के खुलना जिले के बागेरहाट से हैं। पुलिस का मानना है कि इन लोगों ने अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया था। इसी व्यापक कार्रवाई के अगले चरण में इलेक्ट्रॉनिक सिटी डिवीजन में पकड़े गए 31 बांग्लादेशी नागरिकों को बेंगलुरु से पश्चिम बंगाल स्थानांतरित किया गया है। अब पश्चिम बंगाल में संबंधित कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके बांग्लादेश निर्वासन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

यह भी पढ़ें: एमबीबी एयरपोर्ट के पास 4 बांग्लादेशी नागरिक और एक भारतीय कथित दलाल गिरफ्तार