कर्नाटक: 5,698 वोटरों के नाम हटाने के लिए फर्जी फॉर्म-7 आवेदन पर BJP के दो BLA समेत अन्य पर FIR दर्ज
बेंगलुरु (कर्नाटक)। बेंगलुरु पुलिस ने जयनगर विधानसभा क्षेत्र से 5,698 वोटरों के नाम हटाने के लिए फर्जी Form-7 आवेदन जमा करने के आरोप में दो BJP बूथ लेवल एजेंट (BLAs) और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला कर्नाटक महिला कांग्रेस अध्यक्ष सौम्या रेड्डी की शिकायत पर जयनगर पुलिस थाना में दर्ज किया गया है।
जयनगर विधानसभा क्षेत्र में फर्जी फॉर्म-7 का मामला
शिकायत के अनुसार, यह कथित गड़बड़ी 16 जून से 5 अक्टूबर के बीच मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण (Summary Revision) के दौरान हुई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP BLA रामकृष्ण और योगेश ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फॉर्म-7 जमा किए, जिसमें यह झूठा दावा किया गया कि वोटर अपना स्थान बदल चुके हैं। आरोप है कि इसके जरिए विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों और BJP के खिलाफ माने जाने वाले मतदाताओं को निशाना बनाया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने बिना सहमति के रमेश और उनकी पत्नी रूपा की पहचान संबंधी जानकारियों का गलत इस्तेमाल किया और जयनगर चौथे ब्लॉक में बीएलओ (BLO) लोकेश को फर्जी हस्ताक्षरों वाले आवेदन सौंपे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS, 2023 की धारा 61(2)(b), 217(b), 319(2), 336(2), 340(2) सहपठित (r/w) 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक घमासान और कुमारस्वामी का पलटवार
इससे पहले 1 अक्टूबर को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने छह कैबिनेट मंत्रियों के साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वी. अंबुककुमार के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। शिवकुमार और मंत्रियों ने अंबुककुमार से मुलाकात कर SIR प्रक्रिया के दौरान कथित फर्जी फॉर्म-7 आपत्तियों के थोक में जमा होने के मामले में तुरंत FIR दर्ज करने और समयबद्ध आपराधिक जांच की मांग की थी।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस प्रदर्शन की तीखी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने दिन की कैबिनेट बैठक रद्द कर एक "राजनीतिक तमाशा" खड़ा किया है।
कुमारस्वामी ने कहा, "मुख्यमंत्री और उनके साथियों ने आज की कैबिनेट बैठक रद्द कर दी है और एक राजनीतिक तमाशा शुरू कर दिया है। आज वे स्टेट इलेक्शन कमिश्नर से मिले और आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में अन्याय हुआ है, BJP कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ियां की हैं और वोट चुराए हैं, और वे खुद लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने और FIR दर्ज करने की मांग करते हुए धरने पर बैठे हैं। हमने खुद शुरुआती चरण में शिकायत की थी कि कई तालुक सेंटरों, धर्मशालाओं और घरों में लोग समूहों में इकट्ठा होकर SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियां कर रहे थे। आप उस समय चुप क्यों थे? आप कहां चले गए थे? अब आप कह रहे हैं कि गड़बड़ियां हुई हैं।"
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली के नेताओं के इशारे पर किया जा रहा है और राज्य सरकार कर्नाटक में अन्य कथित विफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए SIR के मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है। (भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)
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