पंजाब सीएम भगवंत मान ने अमित शाह के ड्रग्स मुक्त प

भगवंत मान का अमित शाह पर निशाना, बोले- अब चुनाव आए तो सताने लगी पंजाब की चिंता

Punjab Chief Minister Bhagwant Mann

चंडीगढ़ (पंजाब)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखे जाने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आते ही केंद्र सरकार को पंजाब की याद आने लगी है।

अकाली दल सरकार के दौर पर उठाए सवाल

लुधियाना में विजयादशमी के कार्यक्रम में अमित शाह के बयानों के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा पलटवार किया। मान ने साल 2007 से 2017 के अकाली दल-भाजपा गठबंधन शासनकाल का जिक्र करते हुए सवाल किया, "2007 से 2017 तक पंजाब में अकाली दल के साथ आपकी सरकार थी। जब नशे का कारोबार खूब बढ़ा और ड्रग्स की मात्रा में भारी बढ़ोतरी हुई, तब आपको पंजाब को बचाने की चिंता क्यों नहीं हुई? आपने तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?"

एंटी-ड्रोन सिस्टम और सीमा सुरक्षा का मुद्दा

मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर सीमा सुरक्षा के मोर्चे पर सहयोग न करने का गंभीर आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, "मैंने आपके साथ कई बैठकें की हैं। पाकिस्तान के साथ 500 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लाने की मांग की थी, लेकिन आप हमें इसे लाने की अनुमति नहीं देते।" उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "आप यहां आ सकते हैं, लेकिन यहां राजनीति न करें।"

नशा विरोधी अभियान रहेगा जारी

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक जुबानी जंग के बीच उनकी सरकार का एक्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, "मैं फिर से कहना चाहता हूं कि नशीले पदार्थों के खिलाफ हमारा अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा। पंजाब की जनता सब समझती है और वह बहुत समझदार है।"

अमित शाह का 2029 का अल्टीमेटम

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लुधियाना में विजयादशमी के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया था। गृह मंत्री ने पंजाब से अवैध नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए 31 दिसंबर, 2029 की समय-सीमा तय की। शाह ने कड़े शब्दों में कहा, "विजयादशमी के अवसर पर न्याय और नशा मुक्त पंजाब का पक्का संकल्प लिया गया है। एक बार जब सीबीआई जांच अपने हाथ में ले लेगी, तो इन हत्याओं में शामिल लोग चाहे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। हमारा संकल्प स्पष्ट है कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब नशीले पदार्थों के कारोबार से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।" ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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