जेन Z पर मोहन भगवत की टिप्पणी, LGBTQ+ समुदाय पर भी रखी राय
हैदराबाद (तेलंगाना): राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भगवत ने युवा पीढ़ी यानी 'जेन Z' को भावुक और जल्दी प्रभावित होने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह पीढ़ी अक्सर "शांत मन" से नहीं सोचती और जो चीज उन्हें प्रामाणिक लगती है, उसकी ओर आसानी से आकर्षित हो जाती है।
जेन Z को लेकर क्या बोले भगवत?
हैदराबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भगवत ने कहा, "जेन Z स्वभाव से अच्छी, अनुकूलनीय और भावुक होती है। वे शांत मन से नहीं सोचते। अगर कोई चीज उनके संपर्क में आती है और स्पष्ट रूप से प्रामाणिक होती है, तो वह उन्हें आकर्षित करती है।"
महिला मुक्ति आंदोलन का किया जिक्र
युवाओं के व्यवहार का जिक्र करते हुए भगवत ने 'स्त्री मुक्ति आंदोलन' का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन धीरे-धीरे व्यापक रूप से स्वीकार किया गया, लेकिन बाद में इसके समर्थकों को लगा कि वे गलत दिशा में चले गए और इससे समाज की एक-दो पीढ़ियां प्रभावित हुईं।
छात्र आंदोलनों के बीच आई टिप्पणी
भगवत की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब हाल के हफ्तों में छात्र आंदोलनों और जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर देशभर में चर्चा रही है। 20 जुलाई को 'संसद चलो' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला था।
LGBTQ+ समुदाय पर भी रखी राय
अपने संबोधन में मोहन भगवत ने LGBTQ+ समुदाय का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह समुदाय भारतीय समाज का हिस्सा है और उन्हें समाज से अलग या बहिष्कृत नहीं किया जाना चाहिए। भगवत ने कहा कि कुछ प्रवृत्तियां जन्मजात होती हैं, जबकि कुछ बाद में विकसित होती हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की स्थिति बदली नहीं जा सकती, वे भी इंसान हैं और उन्हें सम्मान के साथ जीने का पूरा अधिकार है।
'समाज में हमेशा से रहा है स्थान'
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा ने ऐसे लोगों के अस्तित्व को स्वीकार किया है और समाज में उनके लिए स्थान भी रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें हीन भावना से नहीं देखना चाहिए और समाज को उनके प्रति सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाना चाहिए।
(एएनआई)
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