दिवाली से ठीक पहले भोपाल में सफाई कर्मचारियों की द

दिवाली से पहले भोपाल में कचरे का अंबार, 25 हजार वेतन और पक्की नौकरी की मांग पर अड़े सफाईकर्मी

Bhopal New Market littered with garbage amid strike

भोपाल (मध्य प्रदेश)। भोपाल के सबसे व्यस्त शॉपिंग हब 'न्यू मार्केट' में दिवाली की खरीदारी के चरम समय पर सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। अपनी मांगों को लेकर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की पिछले दो दिनों से जारी हड़ताल के कारण सड़कों पर कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं निकल रही हैं, जिससे चारों तरफ गंदगी और प्लास्टिक का अंबार लग गया है।

पक्की नौकरी और 25 हजार सैलरी की मांग

भोपाल नगर निगम के कचरा वाहन चालक सफाई कर्मचारी ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा, "हम सफाई कर्मचारी खुद शहर में कचरे के हालात का जायजा ले रहे हैं। नगर निगम के सभी कर्मचारी पिछले दो दिनों से हड़ताल पर हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। जिन कर्मचारियों को 2 साल में नियमित करने का वादा किया गया था, वे 10 साल से इंतजार कर रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों को सिर्फ 10,900 रुपये मिलते हैं, जिससे परिवार चलाना असंभव है। हमारी मांग है कि कर्मचारियों को पक्का किया जाए और वेतन बढ़ाकर 25,000 रुपये किया जाए।"

खरीदारों और व्यापारियों का छलका दर्द

त्योहार पर नाश्ता करने और खरीदारी के लिए न्यू मार्केट पहुंचे एक ग्राहक ने अपनी निराशा जताते हुए कहा, "मैं यहां नाश्ता करने आया था और चारों तरफ बिखरा कचरा देखकर हैरान रह गया। यह भोपाल का मुख्य बाजार है जहां पूरे शहर से लोग आते हैं। दिवाली के समय न्यू मार्केट जैसे प्रतिष्ठित स्थान पर इतना प्लास्टिक और कचरा पड़ा देखना बेहद अप्रिय है।"

बाजार के बिगड़ते हालात पर चिंता जताते हुए व्यापारी नज़र खान ने कहा, "सफाई कर्मचारियों के न आने से व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। पूरे बाजार में कचरा फैला है। इसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि यह न्यू मार्केट है, यह तो 'कचरा बाजार' जैसा लग रहा है। पहले दिवाली पर बाजार सजाया जाता था, लेकिन इस बार हर तरफ गंदगी ही गंदगी है।"

बिना छुट्टी 30 दिन काम, त्योहार पर पुताई के भी पैसे नहीं

एक अन्य सफाई कर्मचारी ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए कहा, "हमारी मांग वेतन 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने, संविदा कर्मचारियों को पक्का करने, बेहतर चिकित्सा सुविधा और साप्ताहिक छुट्टी देने की है। हमसे बिना किसी साप्ताहिक अवकाश के महीने के 30 दिन काम कराया जाता है। दिवाली सामने है, 10,000 रुपये में घर की पुताई भी नहीं हो पाती। जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी।"

त्योहार के सीजन में जब बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, सफाई सेवाएं ठप होने से आम जनता और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। (इनपुट: ANI)

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