केदारनाथ धाम में भगवान भुकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए विधि-विधान से बंद
केदारनाथ धाम (उत्तराखंड)। श्री केदारनाथ धाम के रक्षक एवं क्षेत्रपाल भगवान भुकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शनिवार, 7 नवंबर 2026 को शीतकाल के लिए विधि-विधान के साथ बंद कर दिए गए। इस पावन अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। कपाट बंद होने की प्रक्रिया धार्मिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुई। इस दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज और समस्त केदारपुरी के लोग उपस्थित रहे।
वैभव अभिषेक और रुद्राभिषेक के साथ हुए विशेष अनुष्ठान
श्री केदारनाथ धाम के मुख्य पुजारी की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, कपाट बंद होने से पहले भगवान भुकुंट भैरवनाथ जी का वैभव अभिषेक और रुद्राभिषेक किया गया। इसके साथ ही विशेष हवन भी विधि-विधान से संपन्न हुआ। सभी धार्मिक अनुष्ठान पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूरे किए गए। पूजा-अर्चना के उपरांत भगवान भुकुंट भैरवनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहित समाज रहे मौजूद
कपाट बंद होने के इस पावन अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित समाज और समस्त केदारपुरी की उपस्थिति रही। सभी की मौजूदगी में धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए कपाट बंद करने की प्रक्रिया पूरी की गई। भगवान भुकुंट भैरवनाथ जी को श्री केदारनाथ धाम का रक्षक और क्षेत्रपाल माना जाता है। उनके कपाट शीतकाल के लिए बंद होने के साथ ही इस वर्ष की धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण अनुष्ठान संपन्न हुआ।
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