पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को

भूटान ने भारतीय E20 पेट्रोल नहीं ठुकराया, मंत्रालय ने बताया दावा पूरी तरह झूठा

Bhutan Did Not Reject Indian E20 Petrol: Ministry

नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि भारत की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव ही नहीं दिया था। मंत्रालय ने कहा कि भूटान द्वारा भारतीय E20 पेट्रोल आयात से इनकार करने की खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।

मंत्रालय ने किया दावे का खंडन

मंत्रालय ने फेसबुक पर जारी एक पोस्ट में कहा, "तथ्य जांच: भूटान द्वारा भारत से E20 पेट्रोल आयात करने के प्रस्ताव को अस्वीकार करने का दावा गलत है। तेल विपणन कंपनियों द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है और भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का भी कोई प्रस्ताव नहीं है। कृपया केवल पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल विपणन कंपनियों की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।"

कांग्रेस ने लगाए थे आरोप

इससे पहले शनिवार को कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने भारत से E20 ईंधन लेने से इनकार कर दिया है। इसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई थी। सरकार ने कहा कि E20 मिश्रित ईंधन को बाजार में उतारने से पहले देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों द्वारा व्यापक प्रयोगशाला, वाहन और फील्ड परीक्षण किए गए थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, इन परीक्षणों के बाद ही E20 ईंधन को मंजूरी दी गई, ताकि उसकी विश्वसनीयता और प्रदर्शन सुनिश्चित किया जा सके।

वारंटी पर नहीं पड़ता कोई असर

सरकार ने स्पष्ट किया कि वाहन निर्माता कंपनियां निर्धारित इथेनॉल मिश्रण मानकों के अनुरूप वाहन तैयार कर रही हैं। मंत्रालय के अनुसार, स्वीकृत E20 ईंधन का उपयोग करने से किसी वाहन की निर्माता वारंटी स्वतः समाप्त नहीं होती।

इंजन पर नहीं मिला कोई नकारात्मक प्रभाव

मंत्रालय ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण एक वैज्ञानिक रूप से विकसित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत ईंधन प्रणाली है, जिसका उपयोग ब्राजील सहित कई देशों में किया जा रहा है। यह किसी प्रकार की ईंधन मिलावट नहीं है, बल्कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया गया ईंधन है।

लाखों वाहन पहले से E20 पर चल रहे

मंत्रालय के अनुसार, एआरएआई, इंडियन ऑयल रिसर्च एंड डेवलपमेंट और आईआईपी द्वारा किए गए व्यापक परीक्षणों में पुराने वाहनों में भी E20 ईंधन से इंजन की मजबूती या प्रदर्शन पर कोई महत्वपूर्ण नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया। 1 अप्रैल 2025 से E20 के पूर्ण कार्यान्वयन के बाद देशभर में लाखों वाहन इस ईंधन पर चल रहे हैं और अब तक ईंधन के कारण इंजन खराब होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।

(एएनआई)

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