बिहार के CM सम्राट चौधरी ने शिक्षा व्यवस्था में बड

बिहार में शिक्षा सुधार की बड़ी पहल, स्कूलों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने की तैयारी

Bihar Chief Minister Samrat Choudhary (File Photo)

पटना (बिहार)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, परीक्षा प्रक्रियाओं में सुधार करने और छात्रों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कई उपायों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक राज्य-स्तरीय समिति बनाई गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर स्कूल में अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा पहुंचे और उन्हें 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (उत्कृष्टता केंद्र) में बदला जा सके, साथ ही छात्रों के सीखने के स्तर में भी सुधार हो। मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, "बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत, गुणवत्तापूर्ण और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। 

<blockquote lang="hi" dir="ltr">बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।<br><br>घोषणा-1: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति<br><br>गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुँचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक…</p>&mdash; Samrat Choudhary (@samrat4bjp) <a href="https://x.com/samrat4bjp/status/2086349158303113568?ref_src=twsrc%5Etfw">August 9, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>

घोषणा-1: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुंचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाया जा सके और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।

चौधरी ने बिहार में परीक्षाओं को सुगम, पारदर्शी, निष्पक्ष और आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति के गठन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि समिति बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा-आधारित मूल्यांकन में प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ और विश्लेषणात्मक क्षमताओं के आकलन में सुधार के तरीके सुझाएगी।

घोषणा-2: परीक्षा सुधार- बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा-आधारित मूल्यांकन में तकनीक और AI के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता के बेहतर आकलन के लिए सुझाव देगी।

चौधरी ने आगे घोषणा की कि शिक्षा सुधारों के लिए विशेष सहयोग शिविरों का आयोजन किया जाएगा , जहां मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और छात्रों के साथ संवाद के माध्यम से सुझावों और समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि छात्र कल्याण संबंधी पहलों के बेहतर समन्वय और प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों में छात्र कल्याण निदेशालय भी गठित किए जाएंगे।

घोषणा-3: विशेष सहयोग शिविर- शिक्षा सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक एवं छात्रों के साथ संवाद कर उनके सुझाव एवं समस्याएं सुनी जाएंगी।

घोषणा-4: छात्र कल्याण- छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था एवं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है। ​(भाषांतर: Ravi Pandey । इनपुट: ANI)

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