बिहार में करीब 700 मॉडल स्कूल खोलने की घोषणा हुई ह

बिहार में खुलेंगे करीब 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल, NEET-JEE की तैयारी पर जोर

Bihar to Open 700 Model Schools, Focus on NEET-JEE Preparation

पटना (बिहार)। बिहार सरकार शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में राज्यभर में करीब 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल खोलने की घोषणा की, जहां छात्रों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं और शैक्षणिक सहायता मिलेगी। इसके साथ ही शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण के लिए अलग शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय और AI शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी कंपनियों के सहयोग से आधुनिक AI इकोसिस्टम विकसित करने की भी घोषणा की गई।

शिक्षकों के लिए बनेगा अलग प्रशिक्षण विश्वविद्यालय

यहाँ श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में शिक्षक दिवस 2026 के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों तक के शिक्षकों को नियमित प्रशिक्षण प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, "बिहार में प्राथमिक स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों तक सात लाख से अधिक शिक्षक काम कर रहे हैं। शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार करने और उन्हें नियमित प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए एक अलग शिक्षक प्रशिक्षण विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।"

Google-Microsoft के सहयोग से बनेगा AI इकोसिस्टम

चौधरी ने यह भी घोषणा की कि बिहार Google, Microsoft और Sarvam AI जैसी प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के सहयोग से एक आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम विकसित करेगा। उन्होंने कहा, "शिक्षकों को नवीनतम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।"

Google के साथ AI प्रशिक्षण पर हुआ समझौता

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को AI और आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए बिहार शिक्षा विभाग और Google के बीच एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए बिहार में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का एक केंद्र स्थापित करने के प्रयास भी किए जाएंगे।

सात दिन में मैट्रिक रिजल्ट का लक्ष्य

परीक्षा सुधारों पर, चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य परीक्षा पूरी होने के सात दिनों के भीतर मैट्रिक परीक्षा के परिणाम जारी करना है। उन्होंने कहा कि जो छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट होंगे, उन्हें निर्धारित परीक्षा स्लॉट में 15 दिनों के भीतर फिर से परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी।

इंजीनियरिंग-पॉलिटेक्निक रिजल्ट 24 घंटे में जारी करने की तैयारी

उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के परिणाम 24 घंटे के भीतर जारी करने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है। चौधरी ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक सुधारों का सुझाव देने के लिए उच्च न्यायालय के एक मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, और सरकार इसकी सिफारिशों पर कार्रवाई करेगी।

परीक्षा व्यवस्था में विकेंद्रीकरण पर जोर

उन्होंने कहा कि राज्य परीक्षा प्रणाली के विकेंद्रीकरण और देरी को कम करने तथा समय पर प्रवेश की सुविधा के लिए केंद्र-वार परिणाम जारी करने पर भी विचार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, "बिहार में लगभग 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे, जहाँ छात्रों को NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएँ मिलेंगी।"

छात्रों को 24 घंटे मिलेंगे ऑनलाइन शिक्षक

उन्होंने कहा कि छात्रों को - चाहे वे हॉस्टल में रहते हों या घर से आते-जाते हों - लाइव ऑनलाइन शिक्षक उपलब्ध कराए जाएँगे, जिससे उन्हें चौबीसों घंटे पढ़ाई-लिखाई में मदद मिल सकेगी। बिहार की शैक्षिक विरासत के बारे में चौधरी ने कहा कि ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

अगले साल शुरू होगा विक्रमशिला विश्वविद्यालय का काम

उन्होंने कहा, "विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए ज़मीन अधिग्रहण की प्रक्रिया 15 जुलाई को पूरी हो गई थी, और अगले साल इस प्रोजेक्ट पर ज़मीनी स्तर पर काम शुरू हो जाएगा।" स्कूल शिक्षा में सुधारों पर ज़ोर देते हुए चौधरी ने कहा कि प्राइमरी लेवल पर स्कूल छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉपआउट) की दर 2004-05 में लगभग 46 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 2 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने बताया कि सेकेंडरी लेवल पर ड्रॉपआउट दर लगभग 73 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत से कम हो गई, जबकि हायर सेकेंडरी ड्रॉपआउट दर लगभग 83 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत से कम हो गई।

33 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी

मुख्यमंत्री ने कहा, "स्कूल न जाने वाले बच्चों का प्रतिशत भी लगभग 12 प्रतिशत से घटकर 1.7 प्रतिशत हो गया है। राज्य में शिक्षकों की भर्ती जारी है और 33,000 से ज़्यादा टीचिंग पोस्ट भरने के लिए BPSC की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि मदरसा और संस्कृत बोर्ड के तहत शिक्षकों की रुकी हुई सैलरी समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए जारी कर दी गई है। बिना सरकारी फंड वाले (वित्त-रहित) शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए, उनके लिए अलग वेतनमान सुनिश्चित किया जाएगा।"

शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान

चौधरी ने गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद और बांका की शिक्षिका खुशबू कुमारी को उनके बेहतरीन योगदान के लिए भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किए जाने पर बधाई भी दी। शिक्षक दिवस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, DGP विनय कुमार, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन और बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के चेयरमैन डॉ. त्यागराजन S.M. समेत कई वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक और छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया। (Source: ANI)

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