केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में व

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने शुरू की वोटरों को बूथ तक ले आने की कवायद

फाइल फोटो

कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश भाजपा के संगठन को दुरूस्त कर लेना चाहते हैं जिससे हरेक बूथ तक अपनी पार्टी के वोटर लाए जा सके। यह तभी सुनिश्चित हो सकता है जब हरेक बूथ में टीएमसी के कार्यकर्ता की संख्या के मुकाबले भाजपा के कार्यकर्ताओं की संख्या हो। उन्होंने भाजपा के प्रदेश नेताओं को पार्टी की इस समस्या पर गौर करने के लिए कहा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने तय की प्रदेश नेताओं की जिम्मेदारी और जबावदेही

पार्टी सूत्रों के अनुसार दिसंबर के आखिरी तीन दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कोलकाता दौरे और प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओं से कभी अलग-अलग और कभी साझा बैठक करने के बाद तय रणनीति के मद्देनजर  प्रदेश नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं की गतिविधियां बढ़ी है। फिर प्रदेश अध्यक्ष व सांसद शमिक भट्टाचार्य ने अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर प्रदेश नेताओं की जिम्मेदारी और जबावदेही तय की। प्रदेश कार्यकारिणी का गठन हुआ। शमिक भट्टाचार्य अपने पद पर यानी प्रदेश अध्यक्ष बन रहे। प्रदेश कार्यकारिणी में उन्हीं नेताओं को तरजीह मिली जो प्रदेश भाजपा के संगठन को ताकतवर बनाने में अग्रणी हों।

भाजपा के पास बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की कमी

राज्य में भाजपा की मुख्य विरोधी पार्टी टीएमसी की ओर से मौके-मौके पर यह आरोप लगाया जाता रहा है कि भाजपा के पास कार्यकर्ता ही नहीं है कि बूथ स्तर पर वह एसआईआर में बीएलए तैनात कर सके। खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह आरोप लगा कर भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व को कठघरे में खड़ा किया कि पर्याप्त संख्या में कार्यकर्ता नहीं होने के कारण वे एसआईआर के तहत वोटरों की सुनवाई में बीएलए को मौजूद रखने की मांग का विरोध कर रहे हैं। ममता बनर्जी के इस आरोप का भाजपा का कोई नेता जवाब ही नहीं दे पाया। अमित शाह को भी यह अखरा है।

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